पुखरायां में मृत लाइनमैन के परिजनों से वार्ता करते कैबिनेट मंत्री। संवाद
- फोटो : PUKHRAYAN
पुखरायां। भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास नलकूप की विद्युत लाइन में फाल्ट जोड़ते समय करंट लगने से शुक्रवार को लाइनमैन की मौत हो गई थी। कानपुर में पोस्टमार्टम के बाद शनिवार की शाम परिजनों और ग्रामीणों ने शव असेवा विद्युत उपकेंद्र के गेट पर रखकर मुआवजे की मांग करते हुए हंगामा किया।
सूचना पर पहुंचे कोतवाल ने बताया कि अधिकारियों ने पांच लाख रुपये मुआवजा और पत्नी को पेंशन देने की संस्तुति की है। वहीं मौके पर किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर परिजनों ने शव नहीं हटाया।
जानकारी पर देर रात कैबिनेट मंत्री ने परिजनों से बात कर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने उपकेंद्र से शव हटाया।
मोहदियापुर गांव निवासी कैलाश के पुत्र बृजेश (35) विद्युत उपकेंद्र असेवा मुतैहरापुर में संविदा लाइनमैन था। गोपालपुर गांव के पास विद्युत लाइन में फाल्ट होने के कारण साथी संविदा लाइनमैन चमन के साथ शट-डाउन लेकर बृजेश खंभे में चढ़कर फाल्ट ठीक कर रहा था।
अचानक करंट प्रवाहित होने से वह झुलस कर खंभे से नीचे गिर गया था। इसके बाद उसको इलाज के लिए सीएचसी देवीपुर से कानपुर हैलट रेफर किया गया था। जहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को शव गांव आने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उपकेंद्र के गेट पर पहुंच कर हंगामा किया।
गेट पर शव रखकर 10 लाख रुपये मुआवजा, परिवार में एक सदस्य को नौकरी और पत्नी को पेंशन देने की मांग की। इस पर भोगनीपुर कोतवाल राजेश कुमार व एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि पांच लाख रुपये मुआवजा, पत्नी को पेंशन देने की मांग स्वीकार कर ली गई है।
इसके बाद भी परिजनों ने उपकेंद्र के गेट से शव नहीं हटाया। देर रात सूचना पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बात की। उन्होंने विभागीय सहायता लेने के साथ ही परिजनों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने उपकेंद्र से शव हटाया।