कानपुर। महिला डॉक्टर के तीन बजे तक पोस्टमाॅर्टम हाउस न पहुंचने से रविवार को नाराज परिजन ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि रुपये लेकर बाद में आए शवों का पहले पोस्टमाॅर्टम कर दिया गया। हालांकि पोस्टमॉर्टम प्रभारी ने आरोपों को निराधार बताया है।
कल्याणपुर में नेहा सोनकर की खुदकुशी और ऑपरेशन के दौरान प्रियंका की मौत हो गई थी। इनके साथ दो अन्य शवों का रविवार को वीडियोग्राफी में पोस्टमाॅर्टम होना था। रविवार को चारोंं शव समय से पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए थे लेकिन दोपहर करीब तीन बजे तक बिल्हौर से महिला डॉक्टर के नहीं पहुंचने से पोस्टमार्टम शुरू नहीं हो सके। लंबे इंतजार से नाराज परिजन का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस के कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। हंगामे के दौरान परिजन ने आरोप लगाया कि बाद में आए शवों का रुपये लेकर पहले पोस्टमार्टम करा दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने समझाया और जल्द पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया जिसके बाद मामला शांत हुआ।
वहीं, पोस्टमाॅर्टम प्रभारी डॉ. विपुल चतुर्वेदी ने बताया कि महिला शवों का पोस्टमाॅर्टम वीडियोग्राफी के साथ होने के कारण सामान्य प्रक्रिया की तुलना में अधिक समय लगता है। महिला डाॅक्टर ने बुखार में होना बताया था। वह देरी से आईं इस लिए सामान्य पोस्टमाॅर्टम वाले जल्दी कर दिए गए। रुपये लेकर पहले पोस्टमाॅर्टम कराने की बात पूरी तरह गलत और बेबुनियाद है। मालूम हो कि डॉक्टरों के देरी से आने का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार डाॅक्टर के देरी से आने पर हंगामे हो चुके हैं।