कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) को ग्रीनपार्क के पुनर्विकास कार्य होने तक के लिए शहर में क्रिकेट स्टेडियम मिल गया है। शनिवार को छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) और यूपीसीए के बीच विवि के क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स हॉस्टल के संचालन व उपयोग को लेकर 10 साल के अनुबंध पर सहमति बनी। विवि के स्टेडियम को क्रिकेट एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।
कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने ऑनलाइन जुड़े बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को समझौते के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूपीसीए के साथ साझेदारी से कानपुर में घरेलू और राज्य स्तरीय क्रिकेट गतिविधियों को भी विस्तार मिलेगा। यूपीसीए सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने कहा कि ग्रीनपार्क में जनवरी-फरवरी से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। निर्माण के दौरान करीब दो वर्ष तक वहां क्रिकेट गतिविधियां संचालित करना मुश्किल हो सकता है।
ऐसे में सीएसजेएमयू का स्टेडियम घरेलू सत्र के कैंप, ट्रायल और मैचों के लिए वैकल्पिक केंद्र बनेगा। इस मौके पर प्रति कुलपति प्रो सुधांशु पांडिया, रजिस्ट्रार राकेश कुमार मिश्रा, डॉ श्रवण यादव, डॉ आशीष कटियार, डॉ आरपी सिंह, डॉ दिवाकर अवस्थी, यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता, रियासत अली, पूर्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव, पूर्व क्रिकेटर गोपाल शर्मा समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
अलग-अलग मिट्टी की सात पिचें
विवि के स्टेडियम में करीब तीन हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। यहां महाराष्ट्र की लाल मिट्टी की एक, ओडिशा के कालाहांडी की काली मिट्टी की दो और उन्नाव की काली मिट्टी दो पिच के अलावा लाल-काली मिट्टी के मिश्रण की दो पिच हैं। इससे खिलाड़ियों को अलग-अलग मैदानों की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिलेगा। मैदान में आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क के साथ पवेलियन में चेंजिंग रूम, डाइनिंग हॉल, प्रेस रूम, कमेंट्री रूम और मीडिया सुविधाएं उपलब्ध हैं। यूपीसीए मैदान के रखरखाव के लिए हाइड्रोलिक रोलर, सुपर सॉपर, घास काटने की मशीन, पिच कवर समेत जरूरी उपकरण उपलब्ध कराएगा। ग्रीनपार्क और कमला क्लब में इस्तेमाल होने वाले कुछ आधुनिक उपकरण भी यहां लाने की योजना है। भविष्य में दर्शक दीर्घा और फ्लड लाइट लगाने की तैयारी है। इससे यूपी टी-20 लीग और कानपुर प्रीमियर लीग के मुकाबले कराने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
अभी यूपीसीए विवि को हर माह देगा 75 हजार रुपये शुल्क
समझौते के तहत स्टेडियम के उपयोग के लिए यूपीसीए विश्वविद्यालय को 75 हजार रुपये प्रति माह लाइसेंस शुल्क देगा। 50 बेड वाले स्पोर्ट्स हॉस्टल की मरम्मत और रंगाई-पुताई के बाद उसके उपयोग पर 1.50 लाख रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। हॉस्टल की क्षमता 100 बेड होने पर शुल्क बढ़कर 2.50 लाख रुपये प्रतिमाह हो जाएगा। प्रत्येक पांच साल में लाइसेंस शुल्क में 25 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है।