कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की 30 अक्तूबर को होने वाली वार्षिक आमसभा (एजीएम) से पहले संगठन में सियासत तेज हो गई है। एजीएम में चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सभी पदों पर एक-एक नामांकन दाखिल होने से परिणाम लगभग तय हैं।
अब पूरा ध्यान उन सदस्यों को साधने पर है जिन्हें वर्किंग कमेटी में जगह नहीं मिली। सूत्रों के अनुसार वर्किंग कमेटी से बाहर हुए दिग्गजों को अन्य समितियों में जिम्मेदारी देने की तैयारी है। इसको लेकर दिल्ली में बीते दो दिनों से लगातार बैठकें चल रही हैं जिनमें नाराज पदाधिकारियों को मनाने की कोशिशें जारी हैं।
बताया जा रहा है कि गुरुवार को कई सदस्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिलकर अपनी नाराजगी जताने पहुंचे। उन्हें शांत करने के लिए विभिन्न समितियों में अहम दायित्व देने का आश्वासन दिया गया है। इस बार वर्किंग कमेटी के छह पदों पर नए दावेदार हैं।
हालांकि अध्यक्ष पद पर डाॅ. निधिपति सिंहानिया का दोबारा नामांकन हुआ है। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए राकेश मिश्रा, सचिव पद के लिए कानपुर के प्रेम मनोहर गुप्ता, संयुक्त सचिव के लिए इलाहाबाद के डॉ. उमर मुस्तफा हसन और कोषाध्यक्ष के लिए कानपुर के सचिन आनंद शुक्ला ने ही नामांकन किया है।
इसके अलावा गवर्निंग काउंसिल में कानपुर के डाॅ. संजय कपूर और गाजीपुर के संजीव सिंह को शामिल किया गया है जिन्हें यूपी टी-20 लीग के संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं एपेक्स काउंसिल में 11 नए सदस्य पहली बार अपनी भूमिका निभाएंगे।