इटावा के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में डिजिटल अरेस्ट और कस्टम विभाग के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर शातिरों ने महिला को उसके नाम का पैकेट कस्टम में फंसने और जेल भेजने का खौफ दिखाकर तीन लाख रुपये ऐंठ लिए। रकम हड़पने के बाद भी जालसाज महिला को लगातार फोन कर और रुपयों की मांग कर रहे हैं जिससे परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस मदद मांगी है।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ आईटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की नार्वल कॉलोनी हाल निवासी व मूल रूप से चौगुर्जी की रहने वाली पीड़िता कुसुम पत्नी ने थाने में तहरीर दी। इसमें बताया कि 20 मई की सुबह नौ बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को अधिकारी बताते हुए कहा कि आपका एक पैकेट कस्टम विभाग में फंस गया है। उसे छुड़ाने के लिए तुरंत रुपयों का भुगतान करो, अन्यथा तुम्हें जेल भेज दिया जाएगा।
पीड़िता बुरी तरह डर गई और जेल जाने के डर से उसने किस्तों में अब तक कुल तीन लाख रुपये आरोपियों के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए। पीड़िता ने बताया कि उसके पास जमा पूंजी के नाम पर अब कुछ नहीं बचा है, लेकिन इसके बावजूद उस नंबर से लगातार धमकी भरी कॉल आ रही हैं।
आरोपी कह रहे हैं कि अगर और रुपये नहीं भेजे तो कस्टम पुलिस तुम्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल देगी और पुलिस तुम्हारे घर तक पहुंच जाएगी। जालसाजों की इस धमकी और ब्लैकमेलिंग से पीड़िता का पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और सदमे में है। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर के धारक के खिलाफ आईटी एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की मदद से जिस नंबर से कॉल आई थी और जिन खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई है, उन्हें ट्रेस किया जा रहा है ताकि शातिर ठगों को जल्द ही बेनकाब किया जा सके।