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खौफ के साये में जिंदगी: तेंदुआ 15 दिन में कई जानवरों का कर चुका शिकार, शाम होते ही घरों में कैद हो जाते लोग

Sun, 31 May 2026 04:40 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

Etawah News: तेंदुए के डर की वजह से शाम होते ही मूसेपुर और डवाह के लोग घर से बाहर निकलना बंद कर देते हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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लवेदी ग्राम पंचायत चिंडौली के मजरा मूसेपुर और डवाह में एक पखवाड़े से लोग तेंदुए के डर के साए में जी रहे हैं। जानवरों पर लगातार हो रहे तेंदुए के हमले से गांव के लोग डरे हुए हैं और शाम होते ही घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आठ दिन पहले शैलेश सरस के पालतू कुत्ते पर तेंदुए ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद तीन दिन पूर्व तेंदुए ने बृजभान भदौरिया की बकरी को निशाना बनाया।
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वहीं दो दिन पूर्व गांव से श्याम बाबू की बकरी को तेंदुआ उठा ले गया। बीती रात आंधी के बाद लगभग 11 बजे तेंदुए ने भूरे सिंह की बकरी पर हमला कर उसे बीहड़ में खींच ले गया। लगातार हो रहे तेंदुए के हमलों से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। वन विभाग के रेंजर प्रदीप कुमार ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना ग्रामीणों ने दी है।
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ग्रामीणों को सतर्क और जागरूक करने के लिए विभागीय की टीम को लगाया गया है। रात के समय तलाशी अभियान चलाकर तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। भीषण गर्मी में अक्सर तेंदुआ शिकार की तलाश में नदी और जल स्रोतों के आसपास स्थित गांवों तक पहुंच जाते हैं।
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