उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुख्यात बदमाश वसीम उर्फ बंटा की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की जांच में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। वह पासपोर्ट बनवाने से लेकर हवाई यात्रा तक में तीन फर्जी मतदाता पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर रहा था। स्थानीय पुलिस समेत अन्य एजेंसियां फजीवाड़े से अंजान बनी रहीं।
एसटीएफ कानपुर यूनिट ने तीन दिन पहले 50 हजार के इनामी वसीम उर्फ बंटा और उसके भाई नईम को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को वसीम से संबंधित कुछ और दस्तावेज मिले है। इसमें से एक मतदाता पहचान पत्र का आईडी नंबर रन कराया गया तो अमन तिवारी के नाम से निकला।
यानी वसीम ने फर्जी मतदाता पहचान पत्र बनाकर अमन की आईडी नंबर डाला था। बाकी दोनों पहचान पत्रों का आईडी नंबर मैच नहीं किया। एसटीएफ के मुताबिक तीनों पहचान पत्रों का वह इस्तेमाल हर जगह करता था। सिम भी इसी पर ले रखा था।