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Kanpur News: यूपीसीए की उदासीनता से ग्रीनपार्क से फिसली यूपी टी-20 लीग

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कानपुर। ग्रीनपार्क स्टेडियम एक बार फिर उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की कार्यशैली का खामियाजा भुगत रहा है। मई में बड़े उत्साह के साथ यूपी टी-20 लीग के चौथे सीजन की मेजबानी शहर को दिए जाने की घोषणा की गई थी लेकिन दो माह बाद भी तैयारियां शुरू नहीं होने और तकनीकी कमियों के चलते लीग लखनऊ के इकाना स्टेडियम में स्थानांतरित करने का फैसला कर दिया गया। खेल सचिव और मंडलायुक्त का कहना है कि यह फैसला सिर्फ यूपीसीए का है। किराये से जुड़े मुद्दे का बाद में भी समाधान निकाला जा सकता था।
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यूपीसीए ने मेजबानी मिलने के बाद भी स्टेडियम की तैयारियों को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की। खेल विभाग ने बकाया राशि के भुगतान को लेकर दो बार पत्र भेजे लेकिन जुलाई शुरू होने तक भी यूपीसीए की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। दोनों पक्षों के बीच समन्वय की कमी भी सामने आई। ग्रीनपार्क की सबसे बड़ी समस्या उसकी आधारभूत सुविधाओं की कमी है। 2024 में भारत-बांग्लादेश टेस्ट के दौरान खराब ड्रेनेज व्यवस्था के कारण करीब ढाई दिन का खेल प्रभावित हुआ था लेकिन इसके बावजूद न खेल विभाग और न ही यूपीसीए ने ड्रेनेज सुधारने के लिए गंभीर पहल की।
अगस्त में प्रस्तावित लीग के दौरान बारिश होने पर मैच प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। स्टेडियम की फ्लड लाइट भी अंतरराष्ट्रीय प्रसारण मानकों पर खरी नहीं उतरती। मौजूदा व्यवस्था में मैदान पर करीब 1700 लक्स और बाउंड्री पर 1300 लक्स रोशनी उपलब्ध है जबकि उच्च गुणवत्ता वाले प्रसारण के लिए क्रमशः 2200 और 1700 लक्स की आवश्यकता होती है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की रिपोर्ट के बाद ग्रीन पार्क की दर्शक क्षमता घटकर लगभग 14 हजार रह गई है जिससे आयोजन की व्यावसायिक संभावनाओं पर भी असर पड़ता है।
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यूपीसीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने इकाना में लीग कराने के निर्णय पर सहमति जता दी है। इसकी औपचारिक घोषणा बाकी है। यूपीसीए के एक अधिकारी का कहना है कि लीग पूरी तरह व्यावसायिक आयोजन है। मौजूदा सीजन के लिए स्टेडियम का किराया करीब 85 लाख रुपये बनता है जबकि खेल विभाग करीब पांच करोड़ रुपये के पुराने बकाये के भुगतान की मांग कर रहा है। फ्रेंचाइजी के प्रति वित्तीय जवाबदेही को देखते हुए अतिरिक्त भुगतान फिलहाल संभव नहीं है और इस मुद्दे पर बाद में भी चर्चा की जा सकती थी।
कानपुर के मंडलायुक्त का कहना है कि ग्रीनपार्क के नवीनीकरण की डीपीआर तैयार की जा रही है। इसमें समय लगेगा। लीग को इकाना ले जाने का औचित्य नहीं था और यह फैसला यूपीसीए की इच्छा से लिया गया है। किराये से जुड़े मुद्दे पर बाद में भी समाधान निकाला जा सकता था।
लीग हटाने का निर्णय समझ से परे
ग्रीनपार्क के नवीनीकरण की जिम्मेदारी मंडलायुक्त को सौंपी गई है। डीपीआर तैयार होने में करीब तीन महीने और निर्माण कार्य नवंबर तक शुरू होने की संभावना है। लीग के आयोजन के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध था और उसे इकाना स्थानांतरित करने का निर्णय पूरी तरह यूपीसीए का है। किराया कम करने का प्रस्ताव भविष्य की लीग के लिए था न कि पुराने बकाये को माफ करने के लिए। ग्रीनपार्क से लीग हटाने का निर्णय समझ से परे है। -सुहास एलवाई, खेल सचिव
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