महोबा के कबरई क्षेत्र पहरा गांव में शुक्रवार की शाम पूर्व एमएलसी जयवंत सिंह के नाम आवंटित डिगरा पहाड़ में ब्लास्ट के लिए होल करते समय दो भाइयों पर ऊपर से पत्थर गिर गए। शोर सुनकर पहुंचे साथी मजदूर एक घंटे की मशक्कत के बाद घायल को बाहर निकाल सके। दूसरे को दो घंटे बाद निकाला जा सका। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
तीन घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन पहाड़ के पट्ठाधारक वहां पहुंचे। नाराज मजदूर भाइयों के परिजनों ने हंगामा किया। समाचार लिखे जाने तक मजदूर का शव मौके पर ही पड़ा था। पहरा गांव निवासी बच्ची लाल के बेटे चुन्नू कुशवाहा (22) और मातादीन (36) गांव में ही पूर्व एमएलसी जयवंत सिंह के डिगरा पहाड़ में मजदूरी करते थे।
घायल मातादीन ने बताया कि शाम को वह भाई के चुन्नू के साथ पहाड़ में ब्लास्ट के लिए नीचे होल कर रहे थे। पोकलैंड मशीन पहाड़ के ऊपर काम कर रही थी। पोकलैंड मशीन से पत्थर पहाड़ के ऊपर से नीचे गिर गए। वह और चन्नू दोनों दब गए। शोर सुनकर साथी मजदूर वहां पहुंचे। बकौल मातादीन करीब एक घंटे के बाद साथी मजदूर उसे पत्थरों के बीच से निकाल पाए।