एसीपी मोहसिन खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली आईआईटी छात्रा ने शनिवार को एसआइटी को बातचीत की रिकार्डिंग और नई चैटिंग सौंपी है। एसआईटी ने दो गार्डों के बयान दर्ज किए हैं। अफसरों के मुताबिक सभी सीडीआर और नए सबूतों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
आईआईटी छात्रा ने गुरुवार को एसीपी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। हालांकि एसीपी की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। यूपी पुलिस को किए गए ट्वीट के बाद महिला अफसरों ने आईआईटी छात्रा को न्याय का भरोसा दिलाया है।
अब एसआईटी और पुलिस अफसर मामले की जांच को आगे बढ़ाने में जुट गए है। एसआईटी की टीम दोपहर तीन बजे आईआईटी पहुंची। आईआईटी में टीम ने गार्डों से पूछताछ और बयान दर्ज किए। इसी दौरान छात्रा ने नई चैटिंग और रिकार्डिंग दी। एसआईटी ने सभी सबूतों को जांच के लिए भेजा गया है।
एसीपी मोहसिन खान की गिरफ्तारी पर रोक
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीएचडी छात्रा का यौन शोषण करने के मामले में एसीपी मोहसिन खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति अरविंद सिंह सांगवान व न्यायमूर्ति अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
आईआईटी से पीएचडी कर रही छात्रा ने कल्याणपुर थाने में एसीपी मोहसिन खान पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि एसीपी उससे तीन दिसंबर 2023 को पहली बार एक कार्यक्रम में मिले थे। इसके बाद जून 2024 में उससे संपर्क किया और आईआईटी कानपुर में पीएचडी में प्रवेश के लिए मदद मांगी।
इस पर उनकी मदद की और योग्यता के आधार पर उन्हें प्रवेश मिल गया। बाद में दोनों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हो गए। इसी दौरान एसीपी ने अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी का वादा कर संबंध बनाया।
एसीपी ने दर्ज एफआईआर को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की। याची के अधिवक्ता इरफान उल्ला व विनीत विक्रम ने दलील दी कि एफआईआर में छात्रा की ओर से लगाए गए आरोप झूठे हैं।
उसे यह जानकारी थी कि मोहसिन शादीशुदा हैं तब भी उसने मर्जी से संबंध बनाए। वह पढ़ी-लिखी हैं। उसका यह कहना कि झांसा देकर संबंध बनाया गया, समझ से परे है। न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद एसीपी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।