उत्तर प्रदेश के महोबा में कबरई के क्रशर व्यापारी को गोली मारने 72 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। शुक्रवार को व्यापारी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने कबरई थाने में पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार, एसओ कबरई देवेंद्र शुक्ला, विस्फोटक डीलर सुरेश सोनी और अजय इंटर प्राइजेज के ब्रह्मदत्त के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण एक्ट, जानलेवा हमले का प्रयास, हमले की साजिश रचने और पैसे मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
व्यापारी को गोली किसने मारी, गोलीकांड के बाद हमलावर कहां भाग गए पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई। उधर क्रशर कारोबारी की हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। चार दिन बाद भी व्यापारी की आंखे बंद हैं। किसी से कोई बातचीत न होने से परिजनों के घर में गमगीन माहौल बना हुआ है। आठ सितंबर को बांदा से ऑडी कार से अकेले घर लौटते समय नहदौरा गांव के पास किसी ने इंद्रकांत त्रिपाठी को गोली मार दी।
गोली गर्दन में लगने से वह बुरी तरह खून से लथपथ होकर सीट पर गिर गया। जिससे गाड़ी झाड़ियों में पलट गई। गाड़ी पलटी देख ग्रामीणों ने इंद्रकांत त्रिपाठी को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। गंभीर हालत में जिला अस्पताल पहुंचे घायल की हालत नाजुक होने पर उसे मेडिकल कॉलेज कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया लेकिन परिजन रीजेंसी ले गए।
जहां पर वह आज भी वेंटीलेटर पर हैं। गोलीकांड की घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस हाथ-पर-हाथ धरी बैठी है। प्रतिष्ठित विस्फोटक और क्रशर व्यापारी के साथ घटी घटना के बाद भी पुलिस अभी तक कोई नतीजे पर नहीं पहुंची है। जिससे क्रशर कारोबारियों में पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति खासा आक्रोश हैं। नवागत पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार श्रीवास्तव ने दो टीमें गठित कर दी है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
क्रशर व्यापारी के भाई ने पूर्व एसपी समेत चार पर दर्ज कराई रिपोर्ट
चार दिन पहले क्रशर व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी को अज्ञात लोगों द्वारा गोली मारने के बाद शुक्रवार को व्यापारी के भाई रविकांत त्रिपाठी ने कबरई थाने में पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार, एसओ कबरई देवेंद्र शुक्ला, विस्फोटक डीलर सुरेश सोनी और अजय इंटर प्राइजेज के ब्रह्मदत्त के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण एक्ट, जानलेवा हमले का प्रयास, हमले की साजिश रचने और पैसे मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
एएसपी वीरेंद्र कुमार के आदेश पर प्रभारी एसओ ने रिपोर्ट दर्ज की। रविकांत ने तहरीर में बताया कि तत्कालीन एसपी व्यापार चलाने के नाम पर छह लाख रुपये महीना लेते थे। दो माह से धंधा पूरी तरह से बंद होने पर इंद्रकांत ने पैसा देने पर असमर्थता जताई थी। पूर्व एसपी ने इस पर हड़काया था और पैसा न मिलने पर हत्या कराने की धमकी दी थी।
गोलीकांड मामले में तीन टीमें जांच में जुटी
गोली लगने के बाद रीजेंसी कानपुर में जिदंगी से जंग लड़ रहे क्रशर व्यापारी के मामले की जांच शुरू हो गई है। पुलिस अधीक्षक ने दो टीमें सीओ सदर राजकुमार पांडेय के नेतृत्व में लगाई है। टीमों द्वारा आधुनिक इंस्ट्रूमेंट का प्रयोग कर टीमें जांच में जुटी हुईं हैं।
सर्विलांस टीम के प्रभारी आलोक कुमार और कोतवाली चरखारी के इंस्पेक्टर विपिन त्रिवेदी द्वारा जांच की जा रही है। विपिन त्रिवेदी ने कबरई पहुंचकर लोगों के बयान दर्ज किए। साथ ही घायल कारोबारी के मित्रों से कई बिंदुओं पर पूछताछ की। उधर पुलिस महानिरीक्षक के सत्यनारायण द्वारा बांदा से फॉरेंसिक टीम भेजी गई है। जो अपने हिसाब से अलग जांच कर रही है।
चाचा पर जानलेवा हमला कराने का पूर्व एसपी पर आरोप
क्रशर व्यापारी इंद्र कांत त्रिपाठी की भतीजी शिप्रा पांडेय ने चाचा पर जानलेवा हमला कराने का तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर आरोप लगाया है। भतीजी ने बताया कि तत्कालीन एसपी ने चाचा को बुलाकर उनसे छह लाख रुपये की मांग की थी।
न देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी थी। साथ ही गाली-गलौज कर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था। पूर्व एसपी के बंगले से लौटने के बाद चाचा ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाने की बात कही थी। इससे पहले ही उन पर जानलेवा हमला हो गया। भतीजी ने इसकी जांच कराए जाने की मांग की है। संवाद