यूपी के उन्नाव जिले में लॉकडाउन के दौरान प्रशासन के प्रयासों और दूसरे प्रांतों से वापस लौटे प्रवासियों की अनूठी पहल ने जिले को सुर्खियों में ला दिया है। शनिवार को विभिन्न प्रदेशों के प्रवासियों से ऑनलाइन मुखातिब हुए प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण रोजगार योजना की शुरुआत करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस योजना को लागू करने में उन्नाव जिले के एक क्वारंटीन सेंटर में प्रवासियों की सेवा की अहम भूमिका रही।
क्वारंटीन अवधि में हैदराबाद से लौटकर गांव आए तीन प्रवासियों ने हसनगंज के नारायनपुर प्राथमिक स्कूल क्वारंटीन सेंटर का रंग-रोगन कर उसका कायाकल्प कर दिया। इन तीनों ने कक्षा पांच तक की शिक्षा भी इसी स्कूल में ली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सराहा। उन्होंने कहा कि यही गरीब कल्याण योजना की आधारशिला बनी।
लॉकडाउन के बाद हैदराबाद में रहकर काम कर रहे हसनगंज के नारायनपुर गांव के मूल निवासी तीन युवक विनोद कुमार, अरुण कुमार और कमलेश 12 दिन पैदल चलकर 23 अप्रैल को गांव पहुंचे थे। तीनों को 14 दिन के लिए नारायनपुर परिषदीय स्कूल में क्वारंटीन किया गया था।
यहां पर खाली बैठे रहने के दौरान तीनों को विचार आया कि क्यों न अपने पेंटिंग के हुनर का इस्तेमाल किया जाए। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत सचिव धीरेंद्र रावत और ग्राम प्रधान राजू यादव को दी तो उन्होंने तीनों को पेंट व ब्रश उपलब्ध कराए। इसके बाद तीनों स्कूल का रंग-रोगन (पुताई) करने में जुट गए। क्वारंटीन अवधि में ही तीनों ने बिना कोई मेहनताना लिए पूरे स्कूल का कायाकल्प कर दिया। तीनों ने सुंदर चित्रकारी कर सभी का मनमोह लिया।
प्राथमिक विद्यालय की दीवार में कुल 38 वाल पेंटिग व 85 स्लोगन लेखन सहित कार्टून बनाए। यह अनूठा काम करने वाले तीनों श्रमिकों ने इसी विद्यालय में कक्षा 5 तक की शिक्षा ग्रहण की थी। उनके हुनर की जिला प्रशासन ने भी तारीफ की।
उनके कार्यों की सराहना करते हुए प्रमाणपत्र भी दिया गया था। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीब कल्याण रोजगार योजना की शुरुआत की। अपने संबोधन में उन्होंने प्रवासियों द्वारा किए गए स्कूल के कायाकल्प का जिक्र किया। योजना का श्रेय देते हुए कहा कि प्रवासियों के इस कार्य से उन्हें योजना का विचार आया।