लखनऊ से गिरफ्तार हुए थे मिनहाज अहमद और मसीरुद्दीन
- फोटो : amar ujala
लखनऊ में पकड़े गए अलकायदा समर्थित संदिग्ध आतंकियों का धर्मांतरण गिरोह से कोई कनेक्शन नहीं है। यह बात जांच एजेंसी की जांच में सामने आई है। इसके अलावा पनकी में महिला फिदायीन दस्ते की चर्चाएं भी अभी तक अफवाह साबित हुई हैं। यही वजह है कि जांच एजेंसी के अफसरों ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है।
न ही किसी तथ्य को स्पष्ट किया है। केवल शहर से असलहा खरीदने का कनेक्शन सामने आया है, जिसकी जांच चल रही है। जब से लखनऊ में संदिग्ध आतंकी पकड़े गए हैं, तब से चर्चाओं का बाजार लगातार गर्म है। हर दिन शहर में एटीएस के छापे की सूचना आती है, मगर अफसर इससे इनकार करते हैं।
इस बीच व्हाटसएप पर मैसेज चलाए गए, जिसमें दावा किया गया कि धर्मांतरण गिरोह के मोहम्मद उमर आदि का पकड़े गए आतंकियों से कनेक्शन है। सूत्रों के मुताबिक यह पूरी तरह से अफवाह है। धर्मांतरण कराने वाले संगठन से किसी तरह का कोई कनेक्शन साबित नहीं हुआ और न ही कोई सुबूत मिला।