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यूपी: धर्मांतरण के गिरोह से गजवातुल हिंद का कनेक्शन नहीं, महिला फिदायीन दस्ते का भी कोई सुराग नहीं

Fri, 16 Jul 2021 09:48 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

जब से लखनऊ में संदिग्ध आतंकी पकड़े गए हैं, तब से चर्चाओं का बाजार लगातार गर्म है। हर दिन शहर में एटीएस के छापे की सूचना आती है, मगर अफसर इससे इनकार करते हैं।
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लखनऊ से गिरफ्तार हुए थे मिनहाज अहमद और मसीरुद्दीन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ में पकड़े गए अलकायदा समर्थित संदिग्ध आतंकियों का धर्मांतरण गिरोह से कोई कनेक्शन नहीं है। यह बात जांच एजेंसी की जांच में सामने आई है। इसके अलावा पनकी में महिला फिदायीन दस्ते की चर्चाएं भी अभी तक अफवाह साबित हुई हैं। यही वजह है कि जांच एजेंसी के अफसरों ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है।
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न ही किसी तथ्य को स्पष्ट किया है। केवल शहर से असलहा खरीदने का कनेक्शन सामने आया है, जिसकी जांच चल रही है। जब से लखनऊ में संदिग्ध आतंकी पकड़े गए हैं, तब से चर्चाओं का बाजार लगातार गर्म है। हर दिन शहर में एटीएस के छापे की सूचना आती है, मगर अफसर इससे इनकार करते हैं।

इस बीच व्हाटसएप पर मैसेज चलाए गए, जिसमें दावा किया गया कि धर्मांतरण गिरोह के मोहम्मद उमर आदि का पकड़े गए आतंकियों से कनेक्शन है। सूत्रों के मुताबिक यह पूरी तरह से अफवाह है। धर्मांतरण कराने वाले संगठन से किसी तरह का कोई कनेक्शन साबित नहीं हुआ और न ही कोई सुबूत मिला।
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महिला आतंकियों की सूचना पर भी सवाल 
सोशल मीडिया पर लगातार मैसेज चल रहे हैं कि पनकी निवासी तीन महिलाएं लापता हैं। ये आतंकियों से जुड़ी हैं। दावा ये भी किया जा रहा है कि लिट्टे की तर्ज पर संगठन ने महिला फिदायीन दस्ता तैयार किया गया है। जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि ये सूचना भी पूरी तरह से अफवाह है। न किसी महिला के बारे में कोई जानकारी मिली है और न किसी की तलाश है। हालांकि, अब तो इन महिलाओं के बारे में बताया जा रहा है कि जाजमऊ के एक हाजी को इनके बारे में पूरी जानकारी है।

आतंकियों का कानपुर लाएगी एटीएस
आतंकियों ने शकील और अन्य के जरिये कानपुर से असलहा खरीदा था। इसकी पुष्टि भी जांच एजेंसी कर रही है। एक-दो दिन के भीतर एटीएस पकड़े गए आतंकियों को लेकर कानपुर आ सकती है। इस दौरान टीम उनको चमनगंज ले जाएगी। यहीं से असलहों की खरीदारी की गई थी। इस कनेक्शन के अलावा अन्य कोई तार यहां से नहीं जुड़ रहे हैं। आगे की जांच में अगर कोई तथ्य सामने आएगा तो उस पर जांच एजेंसी तफ्तीश करेगी। 

प्री-एक्टिवेटेड सिम खरीदने की आशंका
सूत्रों के मुताबिक कानपुर से आतंकियों द्वारा प्री-एक्टिवेटेड सिम खरीदने की बात सामने आ रही है। इसके पहले साइबर ठगी के मामले में भी एक गिरोह प्री-एक्टिवेटेड सिम यहां बेच चुका है। ये शख्स मथुरा का रहने वाला है, जो असम से सिम खरीदकर कानपुर और आसपास के जिलों में बेचता था। क्राइम ब्रांच इस मामले की पहले से जांच कर रही है। ऐसे में आशंका है कि आतंकियों कहीं इसी गिरोह से तो सिम नहीं खरीदे। ऐसे साक्ष्य मिलते हैं तो कार्रवाई होगी।
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