भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए धंसाव के मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। परियोजना के क्रियान्वयन और पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने पर रियायतग्राही, स्वतंत्र अभियंता और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्रवाई की गई है। साथ ही, जब तक एक्सप्रेसवे की पूरी मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक यात्रियों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा।
26 जुलाई को हुआ था किमी 64 के पास धंसाव
एनएचएआई के मुताबिक, बीते 26 जुलाई 2026 को एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 64 के पास सड़क में धंसाव (स्लिपेज) देखा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राधिकरण ने तुरंत बहाली का काम शुरू कराया और यातायात को सुरक्षित डायवर्ट कर दिया, जिससे आवागमन सुचारु रूप से चल रहा है। स्थल के व्यापक तकनीकी परीक्षण के निर्देश भी दिए गए हैं।
पीएनसी इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने का प्रस्ताव
प्रोजेक्ट की निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने के लिए नोटिस जारी किया गया है, जिसके तहत कंपनी भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो जाएगी। इसके अलावा कंपनी को निम्नलिखित मामलों में कारण बताओ नोटिस मिला है।
खुद के खर्चे पर करेगी मरम्मत
एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित हिस्से को ठीक करने में आने वाला करीब तीन करोड़ का पूरा खर्च रियायतग्राही कंपनी अपने खुद के संसाधनों से उठाएगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। सुधार कार्य पूरा होने तक टोल संग्रहण पूरी तरह स्थगित रहेगा और टोल राजस्व की भरपाई भी इसी कंपनी से की जाएगी।