लखनऊ-मुरादाबाद रेल खंड पर हरदोई रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर लोहे का बोल्ट और पत्थर रखने के मामले में पकड़े गए दो किशोरों से पुलिस ने पूछताछ की है। पूछताछ में पता चला कि एक किशोर सांडी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी है, जबकि दूसरा किशोर बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला है।
दोनों ही रेलवे लाइन के पास स्थित एक पुरवा में रिश्तेदारी में आए थे। घटना से पहले दोनों ने पिहानी चुंगी ओवर ब्रिज और फिर रेलवे ट्रैक पर काफी देर तक सेल्फी खींची थीं। स्टेशन अधीक्षक नरसीलाल मीणा ने घटना को लेकर दो किशोरों के खिलाफ तहरीर देहात कोतवाली में दी है। तहरीरी में ट्रैक क्षतिग्रस्त होने और इंजन का पहिया खुरच जाने का भी उल्लेख है।
दून एक्सप्रेस का इंजन शनिवार सुबह रेलवे ट्रैक पर रखे बोल्ट और पत्थर से टकराने के बाद हादसा बच गया था। मौके से ट्रेन मैनेजर अजय कुमार ने दो किशोर पकड़कर हरदोई स्टेशन पर आरपीएफ के हवाले कर दिए थे। घटनास्थल देहात कोतवाली क्षेत्र में होने के कारण दोनों को देहात कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
यहां अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र सीओ सिटी अंकित मिश्रा और कोतवाल अशोक सिंह ने पूछताछ की थी। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक दोनों किशोर अलग-अलग गांव में रहते हैं, लेकिन मदरसे में पढ़ाई के दौरान दोनों की दोस्ती हो गई थी।
इनमें से एक दोस्त का ननिहाल रेलवे ट्रैक के किनारे स्थित पुरवा में है। यहीं दोनों आए थे। शनिवार सुबह घूमते फिरते यह लोग पिहानी रोड पर स्थित ओवर ब्रिज पर पहुंच गए थे। यहां दोनों ने काफी देर तक सेल्फी खींची। इसके बाद रेलवे ट्रैक पर घूमते रहे।
मुसीबत में डाली दी थी सैकड़ों लोगों की जान
सूत्रों के मुताबिक दोनों किशोर ने खेल खेल में सैंकड़ों लोगों की जान मुसीबत में डाल दी थी। लोहे का बोल्ट इन लोगों ने रेलवे ट्रैक के पास से ही सेल्फी खींचने के दौरान उठाया था। ट्रेन आती दिखने पर इन लोगों ने पत्थर के आगे बोल्ट रख दिया था।
दोनों किशोर ने बताया कि सुन रखा था कि जब लोहे के टुकड़े से ट्रेन का पहिया निकलता है तो वह ट्रैक पर चिपक कर चपटा (प्लेन) हो जाता है। इसीलिए उन्होंने यह रखा था। हालांकि पुलिस फिलहाल इस तर्क से संतुष्ट नहीं है और परिजनों से भी पूछताछ कर रही है।