जेईई एडवांस से होने वाले प्रवेश की सीटों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा
सभी विभागों में इसे लागू करने वाला आईआईटी कानपुर देश का पहला संस्थान होगा। इससे पहले आईआईटी मुंबई ने इसे केवल गणित विभाग के लिए लागू किया है। ओलंपियाड के माध्यम से होने वाले दाखिले के लिए सुपरन्यूमेरी के तहत सीटें रिजर्व की जाएंगी। इससे जेईई एडवांस से होने वाले प्रवेश की सीटों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
कुछ बिंदुओं पर निर्णय अभी बाकी
डीन ऑफ एकेडमिक अफेयर प्रो. शलभ का कहना है कि इस प्रस्ताव को सीनेट से मंजूरी मिल गई है, लेकिन अभी भी कई बिंदुओं को फाइनल करना बाकी है। मसलन ओलंपियाड से दाखिले मिलेंगे, लेकिन यह 2024 या 2025 से होगा, अभी इस पर मुहर लगनी बाकी है। साथ ही कौन से ओलंपियाड के माध्यम से दाखिला होना है, सीटों की संख्या कितनी रहेगी जैसे कई निर्णय अभी लेने हैं।
आईआईटी स्वायत्त संस्थान, खुद ले सकता निर्णय
आईआईटी कानपुर एक स्वायत्त संस्थान है, इस कारण दाखिले में बदलाव का निर्णय स्वयं ले सकता है। आईआईटी की सीनेट, जिसकी अध्यक्षता चेयरमैन करते हैं तथा प्रोफेसर सदस्य होते हैं, उनकी मंजूरी के बाद किसी प्रस्ताव को लागू किया जाता है।
क्या होता है ओलंपियाड
छात्रों की प्रतिभा को जांचने के लिए विषयवार ओलंपियाड होते हैं। कई संस्थाएं हैं जो ओलंपियाड कराकर छात्रों को सर्टिफिकेट देती हैं। 12वीं के छात्र भी अलग-अलग विषय के ओलंपियाड में हिस्सा लेते हैं। परीक्षा दो चरणों में होती है। पहले चरण में उत्तीर्ण छात्र दूसरे चरण में शामिल होते हैं। दूसरे चरण की परीक्षा के बाद ही छात्रों को नेशनल इंटरनेशनल रैंक दी जाती है। कुछ संस्थाएं तीसरे चरण की परीक्षाएं भी कराती हैं। नेशनल के टॉप-10 छात्रों को इंटरनेशनल के लिए चुना जाता है।