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UP: अखिलेश दुबे ने वसूली के खेल में पुलिसवालों को भी बनाया मोहरा... इस आड़ में आते थे दरबार; करते थे फर्जी केस

Mon, 11 Aug 2025 10:19 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर के चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे के इशारों पर फर्जी रिपोर्ट दर्ज करने वाले 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी रडार पर हैं। पीड़ितों ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई है। कई दरोगा से इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर से सीओ बन नौकरी कर रहे हैं।
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akhilesh dubey kanpur - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे के नाम पर अब तक चार रिपोर्ट दर्ज हुई हैं। इन सभी में पुलिस से मिलीभगत और उसके इशारे पर थानों में झूठी रिपोर्ट दर्ज हो जाने की बात सामने आ रही है। 

ऐसे में उच्चाधिकारी उन थानेदार, दरोगा और पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं जो अखिलेश के कहने पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कर फिर फाइनल रिपोर्ट लगा देते थे या पीड़ित को धमकाते थे। 

 
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अखिलेश दुबे और पूर्व विधायक भूधर नारायण - फोटो : amar ujala
ऐसे पुलिस कर्मियों की संख्या 50 से ज्यादा बताई जा रही है। इनमें से कई दरोगा से इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर से सीओ बनकर दूसरे जिलों में नौकरी कर रहे हैं। वहीं, कुछ करीबी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। 


 
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अखिलेश दुबे को जेल ले जाती पुलिस - फोटो : amar ujala
विधिक राय लेने की आड़ में आते थे दरबार
अखिलेश के करीबी दरोगा, थानेदारों का अक्सर उसके साकेतनगर स्थित दरबार में जमावड़ा लगा रहता था। यह बात पुलिस के उच्चाधिकारियों से भी छुपी नहीं थी। हालांकि जब भी कभी उच्चाधिकारियों ने इस बारे में वहां जाने वाले पुलिस कर्मियों को टोका। 
 

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कोर्ट ने अधिवक्ता अखिलेश दुबे को भेजा जेल - फोटो : अमर उजाला
सभी रटा रटाया जवाब देते थे कि दुबे जी के पास विधिक राय लेने गए थे। ऐसे में अधिकारी भी चाहकर उन्हें कुछ नहीं कह पाते थे। अब उनके गठजोड़ का भांडा फूट गया है। ऐसे में अब उच्चाधिकारियों के सामने उन दरोगा, इंस्पेक्टर या अन्य पुलिस कर्मियों के अखिलेश के दरबार में जाने की वजह भी सामने आ गई है।
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अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा - फोटो : amar ujala
वसूली के खेल में पुलिसकर्मियों को भी बनाया मोहरा
झूठी एफआईआर लिखाकर लाखों-करोड़ों की वसूली के खेल में पुलिस कर्मियों को मोहरों की तरह इस्तेमाल किया गया। इसके बदले में उन पर कितनी और किस तरह की कृपा हुई यह भी अब अधिकारी पता लगा रहे हैं। 

 
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अधिवक्ता अखिलेश दुबे - फोटो : अमर उजाला
अखिलेश दुबे पर रिपोर्ट होने और उसके जेल जाने के बाद से पुलिस कर्मियों में दहशत है। वह शहर में कार्यकाल के दौरान साथ रहे पुलिस कर्मियों से यहां के माहौल के बारे की जानकारी जुटा रहे हैं। 
 
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अखिलेश दुबे - फोटो : amar ujala
रडार पर आने वाले पुलिस कर्मियों में कई तो इस समय कानपुर जोन के बाहर चले गए हैं। कुछ आसपास के जिलों में तैनात हैं। सबसे ज्यादा तनाव उन थानेदारों पर है जिन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद गिरफ्तारी के प्रयास नहीं किए थे। बाद में विवेचक से फाइनल रिपोर्ट लगवा दी थी।

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अखिलेश दुबे को कोर्ट लेकर पहुंची पुलिस - फोटो : amar ujala
पिता-पुत्र की हिरासत पर कयासों का दौर तेज
जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे के करीबी पिता-पुत्र को पुलिस हिरासत में रखे हैं। दोनों के फोन बंद जा रहे हैं। उन्हें पुलिस ने पूर्वोत्तर राज्य जाने से ठीक दो दिन पहले हिरासत में लिया है। 

 

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आरोपी अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा और पीड़ित रवि सतीजा - फोटो : amar ujala
वहीं, पुलिस के उच्चाधिकारियों ने हिरासत में होने की पुष्टि भी की थी लेकिन इनका नाम सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि आखिर ये पिता पुत्र हैं कौन। 



 
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कोर्ट ने अधिवक्ता अखिलेश दुबे को भेजा जेल - फोटो : amar ujala
अखिलेश दुबे और कॉस्मोजिन पब लाउंज संचालक लवी मिश्रा के जेल जाने के बाद से उनके करीबियों में दहशत है। इनमें से कुछ शायद भूमिगत भी हो गए हैं। यही वजह है कि कोई इन्हें अधिवक्ता पिता-पुत्र बता रहा है तो कोई राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ।

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