सीएचसी के बाहर खड़े तेंदुए के हमले से घायल मां बेटे
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चलती फिरती हुई आंखों से अजां देखी है, मैंने जन्नत तो नहीं देखी है मां देखी है.... मशहूर शायर मुनव्वर राणा के इस शेर को चरितार्थ कर दिखाया है 50 साल की छुन्नी देवी ने। मंगलवार को छुन्नी अपने बेटों सक्षम और कपिल के साथ बाइक से जा रही थीं। इस बीच सड़क पर एक तेंदुए ने हमला कर दिया। ममता की ढाल बनकर छुन्नी तेंदुए से भिड़ गईं। दोनों बेटों ने भी मां का साथ दिया। 10 मिनट तक तीनों तेंदुए के खूंखार पंजों का सामना करते रहे। अंत में ममता जीती और तेंदुआ झाड़ियों में भाग निकला। वाकया चकरनगर के उदी मार्ग का है।
शाम करीब छह बजे चकरनगर क्षेत्र के ककरैया गांव निवासी सक्षम कुमार (16) मां छुन्नी देवी (50) और छोटे भाई कपिल देव (08) को लेकर बाबरपुर में रहने वाले रिश्तेदार के घर से लौट रहा था। अभी सक्षम की बाइक बीड़ी बाबा मंदिर के पास ही पहुंची थी कि तभी पास की झाड़ियों से दहाड़ता हुआ तेंदुआ उन पर टूट पड़ा। इससे तीनों बाइक समेत गिर पड़े। मां दोनों बेटों से ज्यादा दूर पर गिरी। इससे पहले वे कुछ समझ पाते गुस्साए तेंदुए ने सक्षम और कपिल पर पंजों से हमला शुरू कर दिया।