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एमएलसी चुनाव: पहली बार कुर्सी के करीब भाजपा,1605 मतदाता करेंगे 12 केंद्रों पर मतदान

Sat, 09 Apr 2022 08:19 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

उत्तर प्रदेश में फतेहपुर-कानपुर सीट पर शनिवार को एमएलसी यानी विधान परिषद चुनाव की वोटिंग हो रही है। इसके बाद 12 अप्रैल को फतेहपुर में ही मतों की गणना होगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विधानसभा परिषद चुनाव में फतेहपुर कानपुर सीट के लिए शनिवार को जिले के 12 केंद्रों पर मतदान होगा। इसमें जिले के 1605 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 108 मतदाता निरक्षर हैं। मतदान सुबह आठ से शाम चार बजे तक होगा।

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जिला निर्वाचन अधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि मतदान के लिए पोलिंग पार्टियां संबंधित मतदान केंद्रों पर पहुंच गई हैं। शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए फोर्स की भी तैनाती कर दी गई है। इस चुनाव में ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी, नगर निगम पार्षद, नगर पंचायत और नगर पालिका के सदस्य के अलावा कैंट बोर्ड के सदस्य, विधायक और सांसद मतदान कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि फोटो पहचान पत्र दिखाने पर मतदान करने दिया जाएगा। सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, मतदान केंद्र कम हैं, लेकिन चुनाव को लेकर संवेदनशीलता काफी है।

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इसके मद्देनजर मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एडीएम एलए को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है। मतदान के बाद सभी मतदान केंद्रों से सील मतपेटियां एसडीएम घाटमपुर फतेहपुर में बने स्ट्रांग रूम में जमा करा देंगे। इसके बाद 12 अप्रैल को फतेहपुर में ही मतों की गणना होगी।

एमएलसी चुनाव में पहली बार कुर्सी के करीब भाजपा
विधान परिषद स्थानीय निकाय चुनाव के इतिहास में पहली बार कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र की तीन सीटों कानपुर, महोबा और इटावा पर भाजपा अपने प्रत्याशियों के कुर्सी के करीब होने का दावा कर रही है। कहा जा रहा है कि प्रदेश की सत्ता में रहते हुए पहली बार हो रहे इस चुनाव में भाजपा के सत्ता हासिल करने की पूरी संभावना है।
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एमएलसी के इस चुनाव को लेकर एक हकीकत यह भी है कि प्रदेश में जिस पार्टी की सरकार रहती है, उसी के प्रत्याशी जीतते आए हैं। इस बार भी ऐसा होने की पूरी संभावना है। इस बार के चुनाव में कांग्रेस और बसपा पहले से ही बाहर हैं।

भाजपा के सामने सिर्फ सपा ही मैदान में है। वैसे तो इस चुनाव में जिन लोगों को वोट देना है, उनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा के साथ सपा का समर्थन करने वाले लोग कम नहीं हैं। इसके बावजूद कहा जा रहा है कि सत्ताधारी भाजपा ने अपनी रणनीति के तहत ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है कि विपक्ष की सारी चालें नाकाम हो रही हैं। 
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