एसडीएम मनोज सागर, वायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू
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विधायक का कहना है कि भाजपा के पदाधिकारियों, क्षेत्रीय लोगों, स्थानीय अधिवक्ताओं और ग्राम प्रधानों से भी एसडीएम अभद्रता करते हैं। विधायक का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान थानों से आने वाले धारा-151 के चालान की जमानत देने के लिए एसडीएम लोगों को हरदोई स्थित आवास बुलाते हैं और देर रात तक बैठाकर जमानत देते हैं। जमानत कराने से पहले मुल्जिमों और पैरोकार को स्वदेश से मिलना पड़ता है। विधायक का आरोप है कि जमानतदार होने के बाद भी दो से पांच हजार रुपये घूस न देने पर एसडीएम किसी को भी जेल भेज देते हैं।
मोबाइल लोकेशन निकलवा लें, सामने आ जाएगी एसडीएम की हकीकत
विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने कहा है कि एसडीएम मनोज सागर सवायजपुर कितने वक्त और कितने दिन रहते हैं, यह जानने के लिए एसडीएम के सीयूजी नंबर की लोकेशन निकलवा ली जाए। विधायक का आरोप है कि लॉकडाउन में जब दुकानदारों, वाहन चालकों और अन्य आवश्यक सेवाओं के मैनुअल पास जारी किए जा रहे थे तो भी एसडीएम तहसील नहीं आते थे और हरदोई स्थित आवास पर कार्य करते थे। इसके कारण लोगों को हरदोई दौडऩा पड़ता था।
एसडीएम मनोज सागर ने बताया कि उन पर विधायक द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि वह शासन की मंशा के अनुसार ही कार्य कर रहे हैं।