हरदोई जिले में अनामिका प्रकरण का मास्टर माइंड पुष्पेंद्र वर्ष 2010 में जिले के शिक्षा विभाग के प्रधान लिपिक रामनाथ के संपर्क में आया था। उसके बाद जिले में एक शिक्षिका की नियुक्ति भी कराई गई। हालांकि साढ़े तीन साल बाद शिक्षिका को फर्जी बता उसकी सेवा समाप्त कर दी गई थी।
फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी वाले अनामिका प्रकरण का एसटीएफ द्वारा सोमवार को खुलासा किया गया था। इसमें जिले के शिक्षा विभाग में प्रधान लिपिक रहा रामनाथ जो वर्तमान में जीआईसी पाली से संबद्ध था, उसे भी गिरफ्त में लिया गया है। सूत्रों की माने तो 2010 में रामनाथ बीएसए विभाग में ही प्रधान लिपिक था।
उसी दौरान अनामिका प्रकरण का मास्टर माइंड मुख्य अभियुक्त पुष्पेंद्र रामनाथ के संपर्क में आया था। इसके बाद ही पुष्पेंद्र ने जिले के सुरसा कस्तूरबा स्कूल में एक शिक्षिका का चयन कराया। जिसकी पुष्टि बीआरसी पर योगदान आख्या रजिस्टर से हुई है।
2011 में जिले में बा स्कूल सुरसा की इमारत नहीं बनी थी। इसे भूरज सेवा संस्थान सीतापुर रोड पर संचालित किया जा रहा था। आसपास के लोगों ने बताया कि रामनाथ द्वारा तैनात कराई गई शिक्षिका ने स्कूल के पास ही कमरा लिया था। उससे मिलने पुष्पेंद्र भी कभी-कभी आता था।