कानपुर-सागर हाईवे में बिलरही तिगैला के समीप तेज रफ्तार अनियंत्रित बस पेड़ से टकरा गई। हादसे में 18 यात्री घायल हो गए। घायलों में 12 लोगों के मामूली चोटें आईं हैं। दो की हालत गंभीर होने पर झांसी रेफर किया गया है। बस में सवार सभी 40 यात्री सूरत से बांदा जा रहे थे।
गुजरात प्रांत के सूरत से एक निजी बस प्रवासियों व अन्य यात्रियों को लेकर बांदा जा रही थी। मंगलवार की रात करीब 11 बजे हाईवे में बिलरही तिगैला के समीप बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। गनीमत रही कि बस समीप में स्थित छह फीट गहरी खाई में गिरने से बच गई।
जिससे बड़ा हादसा बच गया। सूचना पर सीओ चरखारी उमेश चंद्र, थानाध्यक्ष संजय शर्मा पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे में बिसंडा बांदा निवासी जुग्गी (50), छतरपुर निवासी पप्पू यादव (30), बांदा निवासी अंकित (23), मोहम्मदाबाद, उरई निवासी गोटीराम (35), खप्टिहा कला बांदा निवासी दिनेश कुमार (30) व फतेहपुर निवासी दीपक सिंह गंभीर घायल हैं जबकि मुन्ना, गायत्री देवी, बलराम, राहुल समेत 12 लोगों को मामूली चोटें आईं।
घायलों कोजिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां जुग्गी व पप्पू यादव की हालत नाजुक होने पर झांसी रेफर किया गया। बस में सवार यात्रियों का आरोप है कि चालक और उसका साथी नशे में थे। कई जगह बस अनियंत्रित हुई। जिसको लेकर चालक से बस रोकने के लिए कहा गया लेकिन वह नहीं माना और दुर्घटना हो गई। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के बाद चालक और उसका साथी फरार हो गए। बाद में यात्रियों को अन्य वाहनों से गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
जिले में एक माह के अंदर तीसरी बस दुर्घटना
उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी के चलते बसों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके निजी बस संचालक चोरी-छिपे दूसरे रास्तों से यात्रियों को ले जा रहे हैं। जिससे एक माह के अंदर जिले में यह तीसरी बस दुर्घटना है। एक माह पहले कस्बा बेलाताल के समीप बस पलटने से 24 लोग घायल हो गए थे। दस दिन पहले हमीरपुर चुंगी के समीप ट्रॉला से निजी बस टकरा गई थी। जिसमें पत्नी की अस्थियां विसर्जित कर लौट रहे युवक की मौत हो गई थी जबकि छह लोग घायल हो गए थे। मंगलवार की रात हुई दुर्घटना में 18 लोग घायल हो गए।