लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में सबसे हॉट सीट कन्नौज रही। जहां पर विपक्षी गठबंधन से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और वर्तमान भाजपा सांसद सुब्रत पाठक के बीच मुकाबला था। सोमवार को इस सीट पर जिस तरह से वोटों के ध्रुवीकरण की कवायद हुई, उससे चौंकाने वाले परिणाम की उम्मीद की जा रही है।
सपा की बात करें तो पिछली बार इस सीट पर पार्टी की तरफ से डिंपल यादव चुनाव मैदान में थीं। उनके सामने भाजपा के सुब्रत पाठक चुनाव मैदान में थे। उस समय भाजपा की जीत को मोदी लहर का नाम दिया गया। लेकिन इस बार जब अखिलेश यादव स्वयं कन्नौज से चुनाव मैदान में आ गए तो दोनों पार्टियों को चुनावी रणनीति बदलनी पड़ी।
सपा की ओर से जो जिस जातीय फैक्टर पर काम किया गया, उसमें यादव और मुस्लिम मतदाताओं के अलावा यहां की सबसे अधिक जातियों के वाले मतदाताओं में आने वाली लोध बिरादरी रही। सपा को इस बार लोध बिरादरी से करीब 50 प्रतिशत वोट मिलने की आस है।
बाकी दलितों, और अगड़ों को भी उसे समर्थन मिला है। वहीं भाजपा ने यादव और मुस्लिम मतदाताओं से इतर वोटरों पर फोकस किया। पार्टी ने लोध के अलावा पाल, पटेल, कुशवाहा, ठाकुर के अलावा दलित को भी साधने का प्रयास किया।