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UP: यूपी की इस सीट पर वोटों के ध्रुवीकरण से उलझे चुनावी समीकरण, सपा-भाजपा को बदली पड़ी रणनीति

पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 14 May 2024 02:19 PM IST

सार

यूपी में चौथे चरण की सबसे हॉट सीट पर कड़ा मुकबला है। इस सीट पर वोटों का ध्रुवीकरण हुआ है। ऐसे में चौंकाने वाले परिणाम की उम्मीद की जा रही है।
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UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में सबसे हॉट सीट कन्नौज रही। जहां पर विपक्षी गठबंधन से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और वर्तमान भाजपा सांसद सुब्रत पाठक के बीच मुकाबला था। सोमवार को इस सीट पर जिस तरह से वोटों के ध्रुवीकरण की कवायद हुई, उससे चौंकाने वाले परिणाम की उम्मीद की जा रही है।

सपा की बात करें तो पिछली बार इस सीट पर पार्टी की तरफ से डिंपल यादव चुनाव मैदान में थीं। उनके सामने भाजपा के सुब्रत पाठक चुनाव मैदान में थे। उस समय भाजपा की जीत को मोदी लहर का नाम दिया गया। लेकिन इस बार जब अखिलेश यादव स्वयं कन्नौज से चुनाव मैदान में आ गए तो दोनों पार्टियों को चुनावी रणनीति बदलनी पड़ी। 


सपा की ओर से जो जिस जातीय फैक्टर पर काम किया गया, उसमें यादव और मुस्लिम मतदाताओं के अलावा यहां की सबसे अधिक जातियों के वाले मतदाताओं में आने वाली लोध बिरादरी रही। सपा को इस बार लोध बिरादरी से करीब 50 प्रतिशत वोट मिलने की आस है। 

बाकी दलितों, और अगड़ों को भी उसे समर्थन मिला है। वहीं भाजपा ने यादव और मुस्लिम मतदाताओं से इतर वोटरों पर फोकस किया। पार्टी ने लोध के अलावा पाल, पटेल, कुशवाहा, ठाकुर के अलावा दलित को भी साधने का प्रयास किया। 
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UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में सबसे हॉट सीट कन्नौज रही। जहां पर विपक्षी गठबंधन से सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और वर्तमान भाजपा सांसद सुब्रत पाठक के बीच मुकाबला था। सोमवार को इस सीट पर जिस तरह से वोटों के ध्रुवीकरण की कवायद हुई, उससे चौंकाने वाले परिणाम की उम्मीद की जा रही है।

सपा की बात करें तो पिछली बार इस सीट पर पार्टी की तरफ से डिंपल यादव चुनाव मैदान में थीं। उनके सामने भाजपा के सुब्रत पाठक चुनाव मैदान में थे। उस समय भाजपा की जीत को मोदी लहर का नाम दिया गया। लेकिन इस बार जब अखिलेश यादव स्वयं कन्नौज से चुनाव मैदान में आ गए तो दोनों पार्टियों को चुनावी रणनीति बदलनी पड़ी। 

सपा की ओर से जो जिस जातीय फैक्टर पर काम किया गया, उसमें यादव और मुस्लिम मतदाताओं के अलावा यहां की सबसे अधिक जातियों के वाले मतदाताओं में आने वाली लोध बिरादरी रही। सपा को इस बार लोध बिरादरी से करीब 50 प्रतिशत वोट मिलने की आस है। 

बाकी दलितों, और अगड़ों को भी उसे समर्थन मिला है। वहीं भाजपा ने यादव और मुस्लिम मतदाताओं से इतर वोटरों पर फोकस किया। पार्टी ने लोध के अलावा पाल, पटेल, कुशवाहा, ठाकुर के अलावा दलित को भी साधने का प्रयास किया। 

इसके लिए भाजपा ने बाकायदा हर बिरादरी से जुड़े पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को लोकसभा क्षेत्र में जिम्मेदारी भी दी। जिसमें नरेंद्र राजपूत को लोकसभा संयोजक बनाया गया था, जबकि अरुण पाल लोकसभा प्रभारी बनाया गया था।

सपा को लोध बिरादरी का भी बड़ा समर्थन मिला है। करीब 50 प्रतिशत इस बिरादरी का मत पार्टी के खाते में आएगा। इसके अलावा दलित व अन्य बिरादरी के मतदाताओं का भी साथ मिला है। इस हिसाब से कह सकते हैं कि कन्नौज में इस बार हम बड़े अंतर से जीत हासिल करेंगे। -शिवपाल यादव राष्ट्रीय महासचिव समाजवादी पार्टी

कन्नौज और इसके आसपास की बाकी सीटों पर हमने प्रत्येक जाति के वरिष्ठ नेता को जिम्मेदारी सौंपकर सभी के बीच जाने का काम किया। साथ ही प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री ने दो बार आकर ने भी यहां के मतदाताओं से सीधे मुलाकात की। इससे तय है कि भाजपा कन्नौज के साथ बाकी सीटें भी जीत रही है। -प्रकाश पाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष, भाजपा
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