उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बच्चों से सवाल जवाब करतीं हुईं
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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे चौफेरवा गेस्ट हाउस से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पहुंचीं। यहां बालिकाओं ने उनका स्वागत गीत से किया। राज्यपाल ने कक्षाओं में पहुंचकर बालिकाओं से मुलाकात की।
कक्षा 6 की छात्राओं गीता राधा और वर्षा से पूछा कि नाश्ते में तुम्हें क्या मिलता है। बालिकाओं ने बताया कि उन्हें आज चना वह दूध दिया गया है। बदल-बदल कर नाश्ता व भोजन मिलता है। राज्यपाल ने एक बच्ची से ड्राइंग बनवाया तो उसने कमल का फूल बनाया जिस पर उसे शाबाशी दी गई।
पानी का सूत्र पूछने पर बच्चियों ने वह बता दिया। कक्षा आठ की बबली सपना और साक्षी से राज्यपाल ने जोड़ घटाना और गीत सुना। राज्यपाल ने अपने संबोधन में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुबली पतली बच्चियों की मां को चिन्हित करें उनके घर भेजकर परीक्षण कराएं कि कहीं कुपोषण का शिकार तो वह नहीं हो रही है। खून की जांच कराएं।
राज्यपाल ने बेटियों को स्वावलंबी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई की दूसरे क्षेत्रों के बच्चों को लाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम कराए गए हैं यदि यहीं के बच्चों को विकसित करके यह कार्यक्रम कराया गया होता तो उन्हें ज्यादा खुशी होती। राज्यपाल ने बच्चों के अंदर अधिक से अधिक सीखने की क्षमता विकसित करने और योगा सिखाने पर विशेष जोर देते हुए शिक्षकों को इसके लिए आगे आने की सीख ली अभी कार्यक्रम यहां चल रहा है।