देश विरोधी ताकतों ने सोशल मीडिया में अफवाह फैलाई। भारतीय सैनिकों के हताहत होने, आरएसएस कार्यकर्ताओं के शामिल होने, मस्जिद में विस्फोट समेत कई बातें लिखी गईं।
मूलगंज में विस्फोट होने के बाद देश विरोधी ताकतों ने अमन चैन, भाईचारा और सद्भाव को निशाना बनाने की हरसंभव कोशिश की। उन्होंने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर अफवाहों और भ्रामक खबरों का जमकर प्रचार प्रसार किया। उस पोस्ट और खबरों पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं भी आईं। कमिश्नरी पुलिस अलग-अलग एजेंसियों के सहयोग से आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं। एलआईयू और साइबर क्राइम की टीम ने दस से अधिक युवकाें को चिह्नित किया है। उनके अकाउंट से पोस्ट डाली गई थीं।
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बिसातखाने में विस्फोट होने के बाद अलग अलग जगहों से भ्रामक सूचनाएं आने लगीं। सबसे पहले विस्फोट में भारतीय सैनिकों के हताहत होने अफवाह आई। फिर खालिस्तानी समर्थकों की ओर से घटना का जिम्मा लेने की भ्रामक खबर प्रसारित की गई। कुछ ही देर में दोनों ही अफवाहों पर कई कमेंट आ गए। इसके बाद विस्फोट के पीछे आरएसएस कार्यकर्ताओं का हाथ बताया गया।
कुछ पोस्ट में तो मस्जिद को नुकसान होने की बात लिखकर भावनाएं आहत की गईं। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि देश विरोधी ताकतों ने भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें फैलाकर अमन चैन को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया लेकिन उनके मंसूबे कामयाब नहीं हो सके। पुलिस ने हर अफवाह का जवाब दिया है। बिसातखाना में विस्फोट पटाखों से हुआ है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।