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UP: हैलट में बनेगा एयर एंबुलेंस वाला प्रदेश का पहला ट्रामा सेंटर, 481.82 करोड़ के बजट को मिली स्वीकृति

Sat, 22 Nov 2025 12:13 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: हैलट अस्पताल में 481 करोड़ के बजट से लेवल-1 एपेक्स ट्रॉमा सेंटर को प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिल गई है, जो एयर एंबुलेंस सुविधा वाला उत्तर प्रदेश का पहला ट्रॉमा सेंटर होगा।
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हैलट हॉस्पिट कानपुर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर हैलट में लेवल-1 एपेक्स ट्रॉमा सेंटर बनाए जाने के लिए शासन ने वित्तीय और प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है। इसके लिए 4,81,82,98,000 रुपये के बजट को भी स्वीकृति मिल गई है। यहां घायलों को एयर लिफ्ट करके लाने के लिए भी शासन ने हामी भर ली। इस तरह यह एयर एंबुलेंस वाला प्रदेश का पहला ट्रामा सेंटर होगा। हेलीपैड के लिए ट्रॉमा सेंटर की भवन डिजाइन आईआईटी से चेक कराने के लिए कहा गया है। ट्रॉमा सेंटर बनने से हाईवे पर घायलों, रोगियों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर के लिए पहली 168 करोड़ 50 लाख की पहली किस्त जारी हो गई है। लोक निर्माण को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। ट्रॉमा सेंटर के भवन का नक्शा दिल्ली की संस्था वास्तुनिधि ने तैयार किया है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में ट्रॉमा सेंटर का भवन भूतल मिलाकर छह तल का होगा। इसके साथ ही तीन बेसमेंट रहेंगे। ट्रॉमा सेंटर में कई विभाग संचालित होंगे। इससे रोगियों को एक छत के नीचे ही सारी विशेषज्ञताओं के इलाज मिल जाएंगे। रोगी को कहीं जाना नहीं पड़ेगा।  ट्रॉमा सेंटर में ही ओपीडी चलेगी।

विशेषज्ञता वाले संस्थान को दी जाएगी जिम्मेदारी
इससे घायलों को टांके आदि कटवाने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हैलट परिसर में सेंटर के लिए स्थान पहले से ही चिह्नित कर लिया गया। इसके अलावा मिट्टी की गुणवत्ता आदि की भी जांच हो गई है। शासनादेश में भवन निर्माण की गुणवत्ता के लिए थर्ड पार्टी क्वालिटी कंट्रोल की लागत को भी अनुमन्य कर दिया गया है। इसके लिए किसी विशेषज्ञता वाले संस्थान को जिम्मेदारी दी जाएगी। यह संस्था नींव से लेकर छत के लिंटर आदि का जायजा लेती रहेगी। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के स्तर से भी एक कमेटी गठित होगी जो मेडिकल गैस, मॉड्युलर ओटी, एसएस कंट्रोल सिस्टम आदि का निर्धारण करेगी।

यह विभाग रहेंगे ट्रॉमा सेंटर में
अस्थि रोग, सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, स्पाइन इंजरी, क्रिटिकल केयर, ट्रामाटोलॉजी कार्डियोथोरेसिक सर्जरी, इमरजेंसी मेडिसिन, बालरोग, नेत्र रोग, दंत रोग, रेडियोलॉजी, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, डायग्नोस्टिक लैब, पैथोलॉजी, स्किल लैब आदि।

  • दो सौ फिक्स बेड होंगे।
  • डेढ़ सौ बेड का आईसीयू होगा।
  • रेड जोन आदि मिलाकर तीन सौ बेड रहेंगे।
  • ट्रामा सेंटर में 18 मॉड्युलर ओटी।
  • ग्राउंड फ्लोर पर एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे की व्यवस्था।
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लेवल-1 एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में आम सेंटर की तुलना में यह सुविधाएं अधिक रहतीं
  • एयर एंबुलेंस से घायलों को हाईवे से एयर लिफ्ट कर लिया जाएगा।
  • गंभीर घायलों को जल्दी से इलाज मिल सकेगा।
  • एंबुलेंस में आने पर भीड़भाड़, जाम की दिक्कत नहीं झेलनी पड़ेंगी।
  • रोगियों को दूसरी विशेषज्ञता से संबंधित दिक्कत होने पर शिफ्ट नहीं करना पड़ेगा।
  • आंख, दांत, नेत्र, नस, हड्डी, आपरेशन से संबंधित सारी सुविधाएं एक छत के नीचे रहेंगी।
  • घायल के सिर में खून का थक्का जमने पर इंटरवेंशन रेडियोलॉजी विभाग इलाज कर देगा।
  • जरूरत पड़ने पर हार्ट की, खाने और सांस की नली की भी वहीं सर्जरी की व्यवस्था रहेगी।
  • पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक संबंधी सारी जांचें वही हो जाएंगी।
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