25 हजार करोड़ की धोखाधड़ी की जांच ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) ने शुरू कर दी है। शासन की मंजूरी के बाद ईओडब्ल्यू की टीम नए सिरे से तफ्तीश कर आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है। मामले के मुख्य आरोपी टीएमसी सांसद केडी सिंह हैं।
सांसद की कंपनियों पर देशभर के 15 लाख और कानपुर के पांच हजार निवेशकों से ठगी का आरोप है। पवन मिश्रा ने पिछले साल सितंबर में एसएसपी से शिकायत की थी कि राज्यसभा सांसद केडी सिंह ने 2010 में अलकेमिस्ट इन्फ्रा लिमिटेड और अलकेमिस्ट टाउनशिप लिमिटेड नाम की कंपनियों के जरिये प्लाट और मकान देने की स्कीम लांच की।
इसमें निवेशकों को हर माह किस्त जमा करनी थी। कई तरह के लुभावने वादों के साथ यह भी दावा किया था कि अगर निवेशक जमीन या प्लाट नहीं लेता है तो उसको 18 फीसदी ब्याज के साथ रकम लौटा दी जाएगी लेकिन न प्लाट मिला और नहीं पैसा वापस हुआ।
मामले में केडी सिंह के साथ ही कंपनी के सतेंद्र कुमार सिंह, सुचेता खेमका, जय प्रकाश सिंह, बृजमोहन महाजन, छत्रसाल सिंह, नरेंद्र सिंह राणावत, नंदकिशोर को आरोपी बनाया गया। घोटाले की रकम बड़ी थी, लिहाजा जिला पुलिस ने शासन को पत्र लिखकर ईओडब्ल्यू से जांच की सिफारिश की थी। कोतवाली सीओ बृजनारायण सिंह ने बताया कि शासन ने ईओडब्ल्यू से जांच कराने की पिछले महीने मंजूरी दे दी थी। इससे संबंधित दस्तावेज ईओडब्ल्यू के पास पहुंच गए हैं। वहीं से जांच होगी।
कुछ दिन पहले ही इससे संबंधित दस्तावेज शासन से आए हैं। जांच टीम गठित कर दी गई है। नये सिरे से मामले की जांच की जा रही है। निवेशकों को जल्द नोटिस भेजकर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
बाबूराम, एसपी, ईओडब्ल्यू