डीजीपी ओपी सिंह बुधवार सुबह लॉयन सफारी पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वह सफारी के मुख्य टिकट गेट की जगह डायरेक्टर के दफ्तर वाले गेट से दाखिल हुए और जायजा लेने के बाद लौट गए।
आम जनता के घूमने के लिए सफारी खुलने के बाद से यहां आने वाले अधिकारी टिकट लेकर अंदर जा रहे हैं लेकिन बुधवार को डीजीपी ने टिकट नहीं लिया। सफारी के रेंजर विनीत सक्सेना ने बताया कि डीजीपी यहां अधिकारिक दौरे पर सुरक्षा मानदंडों का जायजा लेने आए थे।
सफारी से लौटकर डीजीपी ने पुलिस लाइन स्थित महिला रिक्रूट आरक्षियों की बैरक का जायजा लिया। उन्होंने अंदर जाकर आरक्षियों के लेटने की व्यवस्था को देखा। मेस में जाकर भोजन की गुणवत्ता देखी। इस दौरान बैरक को अच्छे से सजाया गया था।
मेस की तरफ जाते समय उन्होंने साथ चल रही रिक्रूट से उपचार संबंधी सुविधा मिलने की जानकारी की। वहीं आईजी मोहित अग्रवाल ने पूछ लिया कि किसी को डेंगू तो नहीं हुआ। इस पर आरक्षी ने इससे इनकार किया। चार जिलों की समीक्षा के बारे में बताया कि कन्नौज व इटावा में फोर्स की कमी सामने आई है। फिर भी यहां अपराधों पर प्रभावी ढंग से लगाम कसी गई है।