तीन ग्रामीण बैंकों के विलय के बाद नए बैंक ‘बड़ौदा यूपी बैंक’ के खाताधारकों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो जाएगी। देश के किसी भी ग्रामीण बैंक में इतने खाताधारक नहीं हैं। इसके अलावा कुल कारोबार 60 हजार करोड़ रुपये के आसपास पहुंच जाएगा।
इतनी बड़ी पूंजी के साथ कारोबार करने की वजह से न सिर्फ ग्रामीण बैंकों की दशा सुधरेगी बल्कि खाताधारकों को शहरी बैंकों जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। बड़ौदा यूपी बैंक की प्रदेश के 31 जिलों में 2050 शाखाएं होंगी।
अभी आर्यावर्त था नंबर एक पर
नए बैंक के अस्तित्व में आने से पहले आर्यावर्त ग्रामीण बैंक 45 हजार करोड़ रुपये के कारोबार के साथ पहले नंबर पर और कर्नाटक विकास बैंक 40 हजार करोड़ रुपये के कारोबार के साथ दूसरे नंबर पर था।
इसके अलावा बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक का 27 हजार करोड़, पूर्वांचल बैंक का 21 हजार करोड़, काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक का 17 हजार करोड़ का कारोबार है। इनके पास 45 हजार करोड़ की डिपॉजिट हैं तो 15 हजार करोड़ केलोन हैं। इस तरह से बड़ौदा यूपी बैंक का कुल कारोबार 60 हजार करोड़ का हो जाएगा।
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग ने 26 नवंबर को नए नाम की अधिसूचना जारी की थी। विलय के बाद बड़ौदा यूपी बैंक में बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की 972, पूर्वांचल बैंक की 600, काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक की 478 व शाखाएं शामिल होंगी। इनकी कुल संख्या 2050 होगी।
- आरके मिश्रा, महासचिव, बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक अधिकारी एसोसिएशन