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UP: आपकी बेटी ड्रिंक और स्मोकिंग करती है... वीडियो देख सिपाही की बेटी ने जान दी

Sat, 15 Mar 2025 10:03 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सिपाही की बेटी की आत्महत्या का मामला सामने आया है। वीडियो और चैट डिलीट करने के एवज में साइबर ठग 50 हजार मांग रहे थे। पिता का आरोप है कि दो बार पुलिस से शिकायत की पर एफआईआर नहीं हुई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आपकी बेटी कॉलेज से बाहर निकलकर ड्रिंक और स्मोकिंग करती है। वह सड़क पर लड़कों के साथ किस करते हुए देखी गई है। मैं आपको वीडियो भेज रहा हूं। साइबर ठगों के भेजे गए मैसेज और वीडियो से परेशान होकर एक सिपाही की बेटी ने शुक्रवार को जान दे दी। सिपाही का आरोप है कि साइबर ठग वीडियो और मैसेज डिलीट करने के लिए 50 हजार रुपये मांग रहे।
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काकादेव थाना क्षेत्र निवासी कांस्टेबल का परिवार रहता है। कांस्टेबल की तैनाती भदोही जनपद में है। उनकी 21 वर्षीय बेटी कानपुर विश्वविद्यालय कैंपस से बीपीएड सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रही थी। उन्होेंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से बेटी परेशान रहती थी। साइबर ठग का उनके पास कॉल आया था। उसने बेटी के कुछ अश्लील वीडियो मुझे भेजे। फिर फोन कर कहा कि ये तुम्हारी बेटी के वीडियो हैं। वीडियो मेरे पास खुले नहीं तो मैंने उससे दूसरे वीडियो भेजने के लिए कहा। इसके साथ ही पूछा कि तुम्हें ये वीडियो कहां से मिले।

साइबर ठगों ने कहा कि ये वीडियो तुम्हारी बेटी के ही हैं, अगर इनको डिलीट करवाना चाहते हो तो 50 हजार रुपये मेरे खाते में ट्रांसफर कर दो। मैंने वीडियो अपनी बेटी को दिखाए तो उसने कहा कि ये एडिट करके बनाए गए हैं। इसलिए मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया और बेटी को परेशान न होने की सलाह देकर ड्यूटी पर चला गया। इसके बाद पता चला कि साइबर ठग ने परिवार के अन्य लोगों को भी वीडियो भेज दिए। इसी के चलते होली वाले दिन बेटी ने फंदे से लटक कर जान दे दी। घटना के वक्त उसकी मां घर में मौजूद थी।
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ठग ने बेटी की मौसी और मामा को भी वीडियो भेज दिए थे, जिसके बाद से वो ज्यादा दबाव में आ गई थी। आराेप लगाया कि बेटी ने कल्याणपुर थाने में तहरीर दी थी, जिसमें उसने दो नंबर बताए थे। एक नंबर पर बात करने वाले ने अपना नाम गोविंदा बताया था। इन नंबरों पर बात भी की थी। पुलिस ने कहा था कि वे शिकायत की जांच कर रहे हैं। एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। दो बार बात हुई लेकिन थाना पुलिस लगातार जांच होने की बात ही दोहराती रही। यदि पुलिस ने समय कार्रवाई की होती तो मेरी बेटी ऐसा कदम न उठाती। डीसीपी पश्चिम आरती सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस छात्रा से मिलने गई थी। कॉलेज बंद होने के कारण छात्रा से मुलाकात नहीं हो सकी। रविवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आईआईटी के विशेषज्ञों की मदद से साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

 
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छात्रा के पिता और साइबर ठग के बीच पांच मार्च को हुई चैट के कुछ अंश
ठग : सर, हमको कुछ फोटो वीडियो मिले हैं, भेजते हैं आपको, बीबीए के स्टूडेंट हैं सब। अटेंडेंस मुश्किल से पांच प्रतिशत है ऑलओवर।
सिपाही : भेजिए। अटेंडेंस भेजिए। घर से वह डेली कॉलेज जाती है।
ठग : नहीं सर, आप कॉलेज आइए। अटेंडेंस रजिस्टर आकर देख लीजिए। डेली घर से निकलकर दूसरे डिपार्टमेंट के स्टूडेंट के साथ ड्रिंक और स्मोकिंग करती है।
सिपाही : वीडियो तो भेजो।
ठग : जहां से वीडियो मिले हैं, उस स्टूडेंट ने रिक्वेस्ट किया है कि उनका नाम न आए।
सिपाही : नहीं आएगा, सर।
ठग : यह वीडियो उसी ग्रुप में ड्रिंक और स्मोक करने का है।
सिपाही : खुल क्यों नहीं रहा है।
ठग : दो मिनट।
सिपाही : भाईसाहब वो अच्छी लड़की है। जब तक सही वीडियो नहीं भेजोगे, नहीं मानूंगा। सही वीडियो भेजो तो उसकी मां और भाई को दिखाता हूं।
ठग : वीडियो सब सही हैं, सर। आपको कॉन्टेक्ट नंबर भी भेजा है। उसकी कॉल हिस्ट्री में यह नंबर मिल जाएंगे आपको। आपकी लड़की पब्लिक प्लेस पर किस कर रही है।
सिपाही : ऐसा नहीं है सर, लड़की को वीडियो दिखाया है, वो कह रही फोटो एडिट की गई हैं।
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