गंगा किनारे सौ बीघा भूमि में किया खेल
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उत्तर प्रदेश के हरदोई में गंगा नदी की लगभग 100 बीघा भूमि का पट्टा करने के आरोप में शासन ने बिलग्राम के चकबंदी अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबित चकबंदी अधिकारी को उन्नाव जिले से संबद्ध कर दिया है। डीएम की संस्तुति पर शासन स्तर से हुई इस कार्रवाई से अधिकारियों-कर्मचारियों में खलबली मची है।
शहर के मंगलीपुरवा निवासी तिलक सिंह राठौर ने डीएम अविनाश कुमार से गोपनीय शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा था कि सवायजपुर बिलग्राम तहसील क्षेत्र में गंगा नदी और रेत बालू की भूमि के साथ सवायजपुर तहसील क्षेत्र के कटरी छोछपुर में रेत की भूमि पर चकबंदी अधिकारी ने गलत ढंग से कुछ लोगों के नाम असंक्रमणीय भूमिधर (पट्टा) के रूप में दर्ज कर दी है।
शिकायत की जांच डीएम ने एसओसी बीएन उपाध्याय से कराई। शिकायत सही मिली। इस पर डीएम ने बिलग्राम के चकबंदी अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह के निलंबन की संस्तुति करते हुए गोपनीय जांच आख्या शासन को भेज दी। चकबंदी आयुक्त बी राम शास्त्री ने डीएम की आख्या और संस्तुति के आधार पर सत्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया। पूरे प्रकरण पर डीएम ने कहा कि नियम विपरीत कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
एसडीएम के आदेश को निरस्त कर किया था खेल
बिलग्राम के चकबंदी अधिकारी रहे सत्य प्रकाश सिंह ने नियम कानूनों को ही ताक पर नहीं रखा, बल्कि ऐसे कार्य भी किए, जिनका अधिकार उनको नहीं है। खास बात यह है कि निरस्त किए गए पट्टों को दुरभि संधि के कारण चकबंदी अधिकारी ने आठ वर्ष बाद दोबारा उन्हीं लोगों के नाम कर दिया, जिनके विरुद्ध पूर्व में निरस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी।