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कार्रवाई: गंगा नदी की भूमि का पट्टा करने में चकबंदी अधिकारी निलंबित, सौ बीघा भूमि में किया खेल

Sat, 19 Jun 2021 08:23 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

100 बीघा भूमि का पट्टा करने के आरोप में शासन ने बिलग्राम के चकबंदी अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबित चकबंदी अधिकारी को उन्नाव जिले से संबद्ध कर दिया है।
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गंगा किनारे सौ बीघा भूमि में किया खेल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के हरदोई में गंगा नदी की लगभग 100 बीघा भूमि का पट्टा करने के आरोप में शासन ने बिलग्राम के चकबंदी अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबित चकबंदी अधिकारी को उन्नाव जिले से संबद्ध कर दिया है। डीएम की संस्तुति पर शासन स्तर से हुई इस कार्रवाई से अधिकारियों-कर्मचारियों में खलबली मची है। 
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शहर के मंगलीपुरवा निवासी तिलक सिंह राठौर ने डीएम अविनाश कुमार से गोपनीय शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा था कि सवायजपुर बिलग्राम तहसील क्षेत्र में गंगा नदी और रेत बालू की भूमि के साथ सवायजपुर तहसील क्षेत्र के कटरी छोछपुर में रेत की भूमि पर चकबंदी अधिकारी ने गलत ढंग से कुछ लोगों के नाम असंक्रमणीय भूमिधर (पट्टा) के रूप में दर्ज कर दी है।

शिकायत की जांच डीएम ने एसओसी बीएन उपाध्याय से कराई। शिकायत सही मिली। इस पर डीएम ने बिलग्राम के चकबंदी अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह के निलंबन की संस्तुति करते हुए गोपनीय जांच आख्या शासन को भेज दी। चकबंदी आयुक्त बी राम शास्त्री ने डीएम की आख्या और संस्तुति के आधार पर सत्य प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया। पूरे प्रकरण पर डीएम ने कहा कि नियम विपरीत कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। 
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एसडीएम के आदेश को निरस्त कर किया था खेल
बिलग्राम के चकबंदी अधिकारी रहे सत्य प्रकाश सिंह ने नियम कानूनों को ही ताक पर नहीं रखा, बल्कि ऐसे कार्य भी किए, जिनका अधिकार  उनको नहीं है। खास बात यह है कि निरस्त किए गए पट्टों को दुरभि संधि के कारण चकबंदी अधिकारी ने आठ वर्ष बाद दोबारा उन्हीं लोगों के नाम कर दिया, जिनके विरुद्ध पूर्व में निरस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी।
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विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक कटरी छोछपुर में नदी और रेत की भूमि का पट्टा पूर्व में लंबे समय से कुछ लोगों को था। इसकी जानकारी पर 29 अक्टूबर 2009 को तत्कालीन उपजिलाधिकारी ने पट्टे निरस्त कर भूमि को फिर से ग्राम पंचायत में निहित कर दिया था। वर्ष 2017 में चकबंदी अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने कुछ लोगों से साठगांठ कर गंगा और रेत की भूमि को उपजिलाधिकारी के आदेश को निरस्त कर फिर से पट्टा कर दिया। 

100 बीघा भूमि में किया गोलमाल
विभागीय सूत्र बताते हैं कि कटरी छोछपुर की लगभग छह हेक्टेयर भूमि और सढिय़ापुर पंचशाला की लगभग 18 हेक्टेयर भूमि को गलत ढंग से कुछ लोगों के नाम पट्टा कर दी गई। यानी कुल लगभग 24 हेक्टेयर जोकि तकरीबन 100 बीघा होती है, का गोलमाल किया गया।

खातेदारों पर भी गिरेगी गाज
नदी और रेत की भूमि का पट्टा करवाने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई होना तय है। दरअसल पूरा खेल पट्टा धारकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से खेला गया। अब विभाग भी उन लोगों की सूची तैयार बना रहा है, जिन लोगों को उक्त भूमि का पट्टा किया गया है। बाकायदा गाटा संख्यावार ब्यौरा जुटाया जा रहा है।
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