यूपी सीएम याेगी अादित्यनाथ एवं राजीव शुक्ला
सिकंदरा उप चुनाव काे जीतने के लिये भाजपा काेई कसर नहीं छाेड़ना चाहती है। शायद यही वजह है जिसने यूपी के मुख्यमंत्री काे भारत के प्रधानमंत्री के पदचिन्हों पर चलने के लिये मजबूर कर दिया है। गुजरात चुनाव में जैसे पीएम माेदी ने जमकर चुनाव प्रचार किया है ठीक उसी तर्ज पर याेगी अादित्यनाथ भी भाजपा प्रत्याशी काे सिकंदरा का सिकंदर बनाने के लिये 17 दिसंबर काे खुद मैदान में उतरेंगे।
कानपुर सिंकदरा उप चुनाव में 17 दिसंबर को हाई वोल्टेज पॉलिटिक्स का नजारा दिखेगा। इसी दिन एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्षेत्र के राजपुर कस्बे के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश करेंगे तो दूसरी तरफ सिकंदरा के नुमाइश मैदान में कांग्रेसी नेता राजीव शुक्ला और जितिन प्रसाद भी जनसभा करेंगे। कांग्रेेस से राशिद अल्वी और सलमान खुर्शीद में से किसी एक के आने की भी सूचना है।
कांग्रेेस और भाजपा के नेताओं का यह जमावड़ा ब्राह्मण, ठाकुर, दलित और मुसलमान मतदाताओं को रिझाने के लिए हो रहा है। यहां पर त्रिकोणीय मुकाबला चल रहा है। स्थलीय रिपोर्ट के आधार पर देखा जाए तो पार्टियां बड़े नेताओं की रैलियां तो करा रही हैं, लेकिन मतदाताओं में जिस तरह का उत्साह दिखना चाहिए वह नहीं दिख रहा है। यही वजह है कि कई दलों के नेताओं की जनसभाओं के जरिए मतदाताओं में जोश पैदा करने की कोशिश भी की जाएगी। रविवार को होने वाली जनसभाओं के जरिए कांग्रेस अपने को भाजपा से मुकाबला साबित करने की कोशिश करेगी। जबकि भाजपा अपने को सपा का प्रतिद्वंद्वी मानकर चल रही है।
सिकंदरा उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अजीत पाल के समर्थन में 16 दिसंबर को उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के अलावा केंद्रीय मंत्री निरंजन ज्योति, प्रदेश सरकार के मंत्री एसपी सिंह बघेल, स्वतंत्र देव सिंह और अर्चना पांडेय जनसभा करेंगी। क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह और महामंत्री संगठन ओमप्रकाश ने बताया कि पार्टी ने चुनाव में पूरी ताकत झोंक रखी है।