गोविंदनगर थाना क्षेत्र में नंदलाल चौराहे के पास पांच दिन पहले बसपा नेता की बेकाबू फॉर्च्यूनर कार की टक्कर से गंभीर रूप से घायल साकेतनगर निवासी फैक्टरी कर्मी बाबूराम बाजपेई (52) की सोमवार सुबह निजी अस्पताल में मौत हो गई। आरोप है कि हादसे के बाद भीड़ ने नशे में धुत बसपा नेता और उसके साथियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया लेकिन पुलिस ने उसे थाने से ही छोड़ दिया था।
साकेतनगर निवासी बाबूराम बाजपेई दादानगर स्थित एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करते थे। परिवार में पत्नी समता, बेटी खुशी और बेटा करन उर्फ कन्हैया हैं। परिजनों ने बताया कि 15 अप्रैल को बाबूराम शाम छह बजे फैक्टरी से पैदल नंदलाल चौराहा होते हुए घर लौट रहे थे। तभी सांझा चूल्हा के पास बेकाबू बसपा नेता की कार ने पहले स्कूटी सवार को टक्कर मारी। बाद में पैदल जा रहे बाबूराम को पीछे से टक्कर मारते हुए दूसरी कार में जा टकराया।
भीड़ ने चालक की धुनाई कर दी। परिजन के अनुसार पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर फॉर्च्यूनर को कब्जे में लिया। बाद में आरोपी को थाने से ही छोड़ दिया। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी, पीठ और हाथ पैर में चोटें आई हैं। गोविंदनगर इंस्पेक्टर रिकेश कुमार सिंह ने बताया कि बेटे की तहरीर पर फॉर्च्यूनर नंबर के आधार रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।