कानपुर में यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पहले दिन परीक्षक खुलेआम स्मार्टफोन का प्रयोग करते दिखे। जबकि बोर्ड की सख्त एडवाइजरी है कि मूल्यांकन के दौरान परीक्षक अपने पास स्मार्टफोन नहीं रख सकते हैं। बीएनएसडी इंटर कॉलेज में मूल्यांकन के दौरान एक शिक्षक मोबाइल फोन चलाते कैमरे में कैद हुआ। जबकि ठीक बगल में बैठा परीक्षक भी उत्तरपुस्तिका के साथ स्मार्टफोन रखे हुए था।
पिछले सालों मेंमूल्यांकन के दौरान गोपनीय दस्तावेज सोशल मीडिया में वायरल होने के चलते मूल्यांकन कक्षों में मोबाइल ले जाने पर रोक लगाई गई थी। विगत वर्ष प्रदेश के कुछ जिलों से सोशल मीडिया पर अवार्ड ब्लैंक ओएमआर शीट (अंक चढ़ाने वाला पेपर) तक वायरल हो गई थी। तब इसमें शामिल परीक्षकों पर कार्रवाई के आदेश भी जारी हुए थे।
इस मामले में सरकार की सख्ती के बाद ही मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों के मोबाइल न ले जाने का आदेश जारी हुआ था। इस प्रकरण में जब जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश तिवारी से पूछा गया तो उन्होंने एडवाइजरी चेक करने की बात कही। लेकिन दोबारा फोन ही नहीं उठाया।