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UP: रजा ने 4 साल पहले छोड़ा घर...हर 15 दिन में मां को भेजता था इतने रुपये; सैफुल्ला की तरह हो सकता पाक कनेक्शन

Wed, 01 Oct 2025 03:13 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फतेहपुर

सार

लखनऊ एसटीएफ की गिरफ्त में आने वाला अंदौली गांव का मोहम्मद रजा भी पाकिस्तान के संपर्क में वर्चुअल आईडी के जरिए हो सकता है। इसके पहले जैश से जुड़े आतंकी हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला को एटीएस ने पकड़ा था। सैयदवाड़ा मोहल्ले के रहने वाले सैफुल्ला को 12 अगस्त 2022 को एटीएस लखनऊ ने पकड़ा था। 
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UP ATS Arrests Mohammad Raza - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकार गिराने और हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश रचने के आरोप में फतेहपुर के मोहम्मद रजा को गिरफ्तार किया गया है। एटीएस टीम ने मोहम्मद रजा समेत चार युवकों को गिरफ्तार किया है। 
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फतेहपुर के मोहम्मद रजा की मां जमीला ने बताया कि सोमवार शाम को उसकी बेटे से मोबाइल फोन पर बात हुई थी। उसने बताया था कि सबकुछ ठीक है। नमाज पढ़ने के बाद खाना खाने जा रहा है। इसके कुछ देर बाद एटीएस की टीम पहुंची और रजा के दोनों हाथों में हथकड़ी लगा दी। 

जमीला के मुताबिक, उसके पकड़े जाने की बात उसके दूसरे बेटे जीशान ने गिरफ्तारी से कुछ देर बाद बताई थी। तब से वह परेशान दरवाजे पर बैठी बेटे की राह ताक रही है। जमीला ने बताया कि रजा केरल में किसी कंपनी में काम करता है। 
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साथ में उसका भाई जीशान और शहजाद भी रहते हैं। वह चार भाइयों में सबसे बड़ा है। एक बेटे की मौत हो चुकी है। जमीला के मुताबिक इधर कुछ दिनों से रजा कह रहा था कि बारिश होने के कारण काम ठीक नहीं चल रहा है। इसके बाद भी वह 15-20 दिनों में पांच से सात हजार रुपये भेजा करता था। 

वह कहां और क्या काम करता था, इसके बारे में उसे ज्यादा नहीं पता। जमीला ने बताया कि रजा को ले जाने वाली पुलिस जीशान और शहजाद के मोबाइल फोन भी साथ ले गई है। जीशान ने किसी दूसरे के फोन से उससे बात की और रजा की गिरफ्तारी की जानकारी दी।

 

स्थानीय पुलिस ने मां से नहीं किया संपर्क
इतने गंभीर मामले में भी मंगलवार रात तक स्थानीय पुलिस ने रजा के परिवार व पड़ोसियों से संपर्क नहीं किया था। इसके पीछे एटीएस की कोई रणनीति हो सकती है। रजा की मां जमीला ने बताया कि सोमवार से लेकर अभी तक पुलिस नहीं आई है। बेटे को किस अपराध में पकड़ा गया है, यह भी पता नहीं चल रहा है। पुलिस अधिकारी भी मामले में चुप्पी साधे हैं। संकेत हैं कि पूरे मामले में लखनऊ से ही पुलिस महकमे के लिए कोई विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
 

रजा ने चार साल बाद ही छोड़ दी थी मदरसे की पढ़ाई
लखनऊ एसटीएफ की गिरफ्त में आने वाले अंदौली गांव के मो. रजा ने शुरुआती तालीम (कक्षा चार) गांव के मदरसे से ली की थी। इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। करीब चार-पांच साल पहले केरल कमाने गया था। काम पर लगने के बाद अपने छोटे भाइयों को भी साथ बुला लिया। उसके पकड़े जाने की खबर गांव में फैल गई, लेकिन कोई भी उसके बारे में जुबां खोलने को तैयार नहीं दिखा।
 

अंदौली गांव में रहने वाली मां जमीला बानो के मुताबिक मो. रजा ने शुरूआती पढ़ाई गांव स्थित मदरसा इकरा गरीब नवाज से की थी। मदरसा यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। वह करीब 15 साल की उम्र तक मदरसा जाता रहा। इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। परिवार के मुताबिक करीब चार साल से गांव नहीं आया है।

 

वह केरल में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में वेल्डिंग का काम करता है। उसने अपने काम में ही छोटे भाई शहजाद और जीशान को भी लगाया था। तीनों भाई केरल में एक कंपनी में काम करते हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि रजा डेढ़ साल पहले गांव आया था। कुछ दिन रहने के बाद चला गया था।
 

जांच का दायरा बढ़ाने को कभी भी आ सकती एटीएस
मोबाइल व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए टारगेट किलिंग की साजिश रचने वालों में कौन-कौन शामिल हैं, इसका एटीएस पता लगाने में जुटी है। रजा के मोबाइल ग्रुप में जिले के लोग भी शामिल हो सकते हैं। आरोप है कि रजा मोबाइल के जरिए जंग-ए-जिहाद के लिए मुजाहिद आर्मी तैयार कर रहा था।

 

एटीएस के हत्थे चढ़ने के बाद मो. रजा के बारे में गांव के लोग अंजान बन रहे हैं, लेकिन उनकी खामोशी बहुत कुछ कह रही है। आशंका है कि रजा ने अंदरखाने व्हाट्सएप ग्रुपों से नेटवर्क को खड़ा किया है। एटीएस रजा का हर कनेक्शन खंगालने में जुटी है। माना जा रहा है कि यूपी एटीएस एक-दो दिन में फतेहपुर के अंदौली आ सकती है। 
 

माना जा रहा है कि रजा के संपर्क में गांव के कई लड़के थे। वह लड़के भी उसकी आर्मी का हिस्सा हो सकते हैं। आशंका है कि मुजाहिद आर्मी के लिए फंडिग भी कई पाकिस्तानी संगठन कर रहे हैं। एटीएस की जांच में यहां से जुड़े मुजाहिद आर्मी के सदस्यों का खुलासा हो सकता है।

 

मोबाइल बताएगा मां को कहां से भेजता था रुपये
मां जमीला की मानें तो रजा उसे मोबाइल से ऑनलाइन रुपये भेजता था। जमीला के मोबाइल से रजा के बैंक एकाउंट की जानकारी अहम है। एटीएस जमीला के फोन से रजा के बैंक एकाउंट के बारे में भी जानकारी करेगी। हो सकता है कि वह अलग-अलग या किसी किराये (फर्जी) के एकाउंट से घर पर रुपये भेजता रहा हो।
 

धर्मांतरण के मास्टरमाइंड उमर का पुराना अड्डा अंदौली
धर्मांतरण के मास्टरमाइंड मौलाना डा. उमर का अंदौली पुराना अड्डा है। जिले के रमवां के रहने वाले श्याम प्रताप सिंह ने तीन दशक पहले धर्मांतरण किया था। वह श्याम प्रताप सिंह से मौलाना उमर गौतम बना था। उमर गौतम को एक साल पहले धर्मांतरण के मामले में लखनऊ कोर्ट से सजा हुई थी। जिले में कई जगहों उमर की तकरीर होती थी। इसमें अंदौली भी शामिल था। माना जा रहा है कि उमर गौतम के संपर्क में भी मो. रजा रहा होगा।

रजा ने चार साल से छोड़ रखा था अंदौली का घर
फतेहपुर। राधानगर थाना क्षेत्र के अंदौली गांव निवासी मोहम्मद रजा हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश का मास्टर माइंड निकला। मंगलवार को एटीएस ने रजा को केरल से गिरफ्तार किया है। गांव स्थित उसके घर पर मौजूद मां जमीला ने बताया कि पति जावेद की 10 साल पहले मौत हो चुकी है।
 

जमीला के मुताबिक रजा घर से मुंबई कमाने की बात कहकर चार साल पहले गया था। बाद में उसके केरल जाने की सूचना मिली। वहां पर वह क्या करता था, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उसे किस पुलिस ने और क्यों पकड़ा है, नहीं पता है।

बता दें कि यूपी एटीएस ने सोमवार को हिंदू धर्म गुरुओं की हत्या की साजिश रचने वाले चार लोगों को पक़ड़ा था। इन्हीं आरोपियों से पूछताछ में फतेहपुर के रजा का नाम मास्टर माइंड के रूप में सामने आया। एटीएस ने मंगलवार को रजा को केरल से गिरफ्तार किया है। अंदौली में उसके घर के आसपास के लोगों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि रजा ऐसा काम कर सकता है। हालांकि वह जब गांव में रहता था तो कम लोगों से बातचीत करता था। उसके साथी नहीं थे।
 

सैफुल्ला की तरह रजा का भी हो सकता पाकिस्तान से कनेक्शन
एटीएस के हत्थे चढ़ने वाला मो. रजा भी पाकिस्तान के संपर्क में वर्चुअल आईडी के जरिए हो सकता है। इसके पहले जैश से जुड़े आतंकी हबीबुल इस्लाम उर्फ सैफुल्ला को एटीएस ने पकड़ा था।

 

शहर के सैयदवाड़ा मोहल्ले के रहने वाले सैफुल्ला को 12 अगस्त 2022 को एटीएस लखनऊ ने पकड़ा था। एटीएस की जांच में कई प्रांतों में सैफुल्ला का नेटवर्क मिला था। उसने कई मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल कर कई वर्चुअल आईडी बनाई थी। वह फेसबुक के जरिए पाकिस्तान के हैंडलर्स के संपर्क में आया था।

 

उसका कनेक्शन आतंकी संगठन जैश-ए- मोहम्मद से निकला था। उसके पास से मैसेंजर व टेलीग्राम के लिंक मिले थे। माना जा रहा है कि रजा भी इसी तरह पाकिस्तान के संपर्क में आया होगा। जहां से उसे फंडिग मिल रही थी। 

 

जिले में अक्सर दागदार करने वाले ऐसे चेहरे पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। इनमें हथगाम के बंदीपुर का रहने वाले आतंकी सलीम भी शामिल था। जो जम्मू कश्मीर के आतंकी संगठन लश्कर से ट्रेनिंग लेकर आया था। इसके बाद नोएडा में रहने वाले उमर गौतम का नाम धर्मांतरण के नेटवर्क में सामने आया।

 

घर देखकर रजा का नेटवर्क भांपना नामुमकिन
अंदौली गांव में मो. रजा का घर बस्ती से बाहर एक किनारे कॉलोनी में है। घर में एक कमरा और बाहर टिनशेड पड़ा है। फिलहाल घर पर मां के अलावा कोई नहीं रहता है। रजा के पकड़े जाने की खबर पर उसकी बहनें भी पहुंची है। रजा को मां व बहनें निर्दोष बताते रहे। 
 
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मां बोली कि उन्हें सिर्फ यह मालूम चला है कि यूपी पुलिस केरल से बेटे को ले गई है। बड़े दिनों बाद तो कुछ अच्छे दिन आए थे। अब फिर लगता है सबकुछ बर्बाद हो गया है। पुलिस बेटों के मोबाइल तक छीन लिए हैं।
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