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अखिलेश यादव बोले- बुंदेलखंड में ठंड से मर रहे हैं किसान, यहां से आती हैं दुख देने वाली खबरें

Sat, 09 Jan 2021 04:19 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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बांदा में अखिलेश यादव का हुआ जोरदार स्वागत - फोटो : amar ujala
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बांदा जिले में पूर्व सीएम और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि बुंदेलखंड से दुख देने वाली खबरें आती रहती हैं। यहां के किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। सर्दी में भी उनकी मौत हो रही है। कर्ज माफ नहीं किया गया।
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दिल्ली की सरहद पर चल रहे किसान आंदोलन के बाबत कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार की किसानों से फिर बातचीत फेल हो गई। कटाक्ष करते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों से लगातार बात करेगी, मगर एमएसपी नहीं देगी। उधर, बसपा नेता और पूर्व विधायक अरिमर्दन सिंह के सपा में शामिल होने की अखिलेश ने घोषणा की।

बुंदेलखंड में लगभग चार दिवसीय प्रवास के दौरान बांदा में अपने प्रवास के तीसरे दिन शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सपा किसान आंदोलन का पूरा समर्थन करती है। भाजपा को ये कानून वापस लेने होंगे।
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बुंदेलखंड के बारे में केंद्र और प्रदेश सरकारों के बारे में निशाना साधते हुए कहा कि यहां किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हैं। आए दिन यहां से उनकी आत्महत्या जैसी दुखी खबरें आती हैं। सर्दी में भी जान गंवा रहे हैं। उनकी कर्ज माफी नहीं की गई।
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कहा कि भाजपा सरकार कॉरिडोर का शोर मचा रही, लेकिन पैसा कहां है? कब बनेगा? उन्होंने कहा कि सपा अब युवाओं का घेरा कार्यक्रम शुरू करेगी। सपा के कार्यकर्ता घर-घर गांव-गांव जाएंगे। उधर, सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा को जोर का झटका दिया।

शनिवार को सुबह यहां खाईंपार स्थित सपा नेता हसन सिद्दीकी के आवास पर पहुंचे अखिलेश ने वहां मौजूद महोबा के पूर्व विधायक अरिमर्दन सिंह को सपा में शामिल होने की घोषणा की। कहा कि सिंह को हर वर्ग के लोग मानते हैं। यह 1993 से वर्ष 2002 तक विधायक के रूप में सेवा करते रहे।

गौरतलब है कि अरिमर्दन सिंह अभी तक बसपा में थे। हालांकि उन्होंने विधायक का चुनाव सपा के टिकट पर ही लड़कर जीता था। बसपा को अपना एक बुजुर्ग नेता गंवाना पड़ा है। उधर, अखिलेश ने बांदा के महफूज खां को भी सपा में शामिल होने की घोषणा की। अखिलेश ने सिद्दीकी के परिजनों के साथ फोटो भी खिंचवाई।

पुलिस का निशाना कितना अच्छा, सीने में लगती गोली
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुलिस द्वारा किए जा रहे एनकाउंटर पर सरकार के साथ पुलिस पर भी तंज कसा। कहा कि पुलिस का निशाना कितना अच्छा है कि सीधे सीने में ही गोली लगती है। गोली सीधे सामने से आती है।

कहा कि ठोंकने वाली पुलिस को इसके लिए इशारा कौन कर रहा है? पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस में भ्रष्टाचार है। मानवाधिकार आयोग ने सबसे ज्यादा नोटिसें उत्तर प्रदेश सरकार को दी हैं। कहा कि जितना जबरदस्त भ्रष्टाचार भाजपा सरकार में है कभी नहीं रहा।

सपा सरकार के कामों को ही अपना बताया जा रहा है। सपा ने अपनी सरकार में द्वेष भावना से कोई काम नहीं किया। आरोप लगाया कि पुरानी सरकारों के कामों में अपना भी काम जोड़ते हुए योगी सरकार ने उन्हें आगे बढ़ाया है। 

बदले-बदले से नजर आए अखिलेश के तेवर
सीएम के रूप में कई बार यहां आए अखिलेश यादव ने मीडिया से जो तेवर दिखाए थे, वह अब पूरी तरह बदले नजर आए। पिछली बार मीडिया द्वारा किसी योजना में भ्रष्टाचार आदि का सवाल करने पर अखिलेश भड़क उठते थे। मीडिया कर्मियों को मूर्ख और विपक्षी दल का बताते थे, लेकिन सत्ता छिनने के बाद आए अखिलेश काफी बदले नजर आए।
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मीडिया से कई जगह और कई बार रूबरू हुए। कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री स्वर्गीय विवेक कुमार सिंह के आवास पर उन्होंने मीडिया कर्मियों और खासकर बांदा के पत्रकारों की जमकर तारीफ की। उनकी रिपोर्टिंग को सराहा। यह भी कहा कि पत्रकारों के सच्चाई लिखने पर उन पर मुकदमे हो रहे हैं।

गधे आंदोलन करने लगेंगे तो सोचो क्या होगा? 
पिछले माह बांदा नगर पालिका के कुछ वार्ड सदस्यों द्वारा अध्यक्ष के विरुद्ध गधे लेकर किया गया प्रदर्शन सपा मुखिया अखिलेश यादव की जुबां पर भी आ गया। यहां मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा सरकार पर निशाना साधते समय इसका जिक्र किया और यह खबर छापने के लिए मीडिया को शाबासी दी। कहा कि उन्होंने लखनऊ में पढ़ा कि गधों ने आंदोलन किया। अखिलेश ने सवालिया लहजे में कहा कि गधे आंदोलन करने लगेंगे तो सोचो क्या होगा? 

ये रहे मौजूद
सपा के राष्ट्रीय महासचिव सांसद विशंभर प्रसाद निषाद, पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, जिलाध्यक्ष विजय करन यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद इमरान अली, शमीम बांदवी, बीपी यादव, शेखर शर्मा, पीयूष गुप्ता, ब्रजभूषण यादव, अशोक सिंह गौर, विदित त्रिपाठी, सुशील त्रिवेदी, मनोज वर्मा, प्रदीप जडिय़ा, मुशीर अहमद फारुकी, वृंदावन वैश्य, सत्यनारायण सोनकर, देवराज गुप्ता, प्रवक्ता नंदकिशोर यादव आदि थे।
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