भ्रष्टाचार के आरोप में एसीएमओ डॉ. सुबोध प्रकाश को निलंबित कर दिया गया। डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर प्रमुख सचिव ने कार्रवाई की है। इसके साथ ही अन्य विभागीय कार्रवाई भी होगी। डॉ. सुबोध के मामले में चीफ फार्मासिस्ट अवनीश शुक्ला और वित्त एवं लेखाधिकारी वंदना सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि एसीएमओ, चीफ फार्मासिस्ट और वित्त एवं लेखाधिकारी की शिकायत सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने 17 जून को मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में की थी।
डॉ. सुबोध पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरूपयोग किया। विभिन्न सप्लायरों से साठगांठ कर वित्तीय अनियमिततायें की गईं एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। नवंबर 2024 में डॉ. सुबोध ने चीफ फार्मासिस्ट अवनीश कुमार शुक्ला, वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ.वंदना सिंह के साथ अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। इसके अलावा एनआरएचएम प्रकरण में सीबीआई चार्ज सीटेड फर्म आचार्य नगर के प्रोपाइटर मेसर्स जेएम फार्मा से मिलीभगत करके जेम पोर्टल और अभिलेखों में हेराफेरी की गई। अधोमानक सामग्री प्राप्त कर नियम विरूद्ध तरीके से 1.60 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान करने का कुचक्र रचा गया।
मामला संज्ञान में आने पर सीएमओ डॉ. नेमी ने मामले की जांच कराई। दोषी पाए जाने पर डॉ. सुबोध को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने निलंबित करने के आदेश प्रमुख सचिव को दिए। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है। आरोपी चीफ फार्मासिस्ट एवं वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी के विरूद्ध भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. सुबोध प्रकाश यादव की तैनाती वर्ष 2003 में कानपुर की गई थी। उन्हें यहां अलीगढ़ से स्थानांतरित किया गया। उनकी नियुक्ति परामर्शदाता पद पर की गई थी। वर्ष 2019 में उनकी लेवल-4 में पदोन्नति हुई। इसके बावजूद अफसरों ने डॉ. सुबोध का स्थानांतरण नहीं किया। उन्हें कानपुर नगर में ही एसीएमओ के पद पर तैनाती दी गई।