बेटी की मौत के बाद परिजनों का हंगामा
दिनभर अस्पताल में रखते थे और रात में छुट्टी कर देते थे। इलाज के नाम पर लाखों रुपये भी ले लिए। खून चढ़ाने के बाद मंगलवार शाम सात बजे बेटी की हालत बिगड़ी और मौत हो गई। बेटी की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया तो अस्पताल संचालक, स्टाफ रात में ही मेडिकल की दवा व स्टूमेंट लेकर भाग निकले। बुधवार सुबह एसडीएम हसनगंज शालिनी सिंह आसीवन पुलिस के साथ मौके पर पहुंची।
अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज
परिजनों से बात कर उन्हें पोस्टमार्टम करने के लिए राजी कराया और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पिता ने बताया कि वह दो बहनों में बड़ी थी। मां की पहले ही मौत हो चुकी है। उसने बताया कि वह पहले कुवैत में नौकरी करता था। पत्नी की मौत और बेटियों की परवरिश के चलते वह घर आ गया था। थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया कि पिता की तहरीर पर अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।