जमीन बेचने के नाम पर 37 लाख रुपये हड़पने और बाद में दिया गया चेक बाउंस होने के एक मुकदमे में दोषी पाई गई महिला को न्यायालय ने एक साल कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 43.80 लाख रुपये अर्थदंड लगाया। 43.66 लाख रुपये पीड़ित को और शेष रकम सरकारी खजाने में जमा करने का आदेश दिया।
पुरवा कोतवाली के मझिगवां सदकू गांव निवासी संदीप शुक्ला, मेसर्स संदीप शुक्ला फर्म के प्रोपराइटर हैं। वर्ष 2020 में सदर कोतवाली के मोहल्ला किशोरीखेड़ा निवासी नीरज यादव ने मोहल्ला कब्बाखेड़ा स्थित एक प्लॉट दिखाया था। नीरज की पत्नी कामिनी यादव ने बतौर पेशगी 37 लाख रुपये लिए थे। इसके बाद उसने कामिनी से कई बार प्लॉट की रजिस्ट्री करने को कहा, लेकिन वह लगातार टाल-मोटल करती रही। जब रुपये वापस करने को कहा तो काफी कोशिश के बाद कामिनी ने 30 जनवरी 2021 को मेसर्स न्यू गायत्री कंस्ट्रक्शन कंपनी का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया बैंक का चेक उनकी फर्म (मेसर्स संदीप शुक्ला फर्म) के नाम से दिया।
दो फरवरी 2021 को चेक को भुगतान के लिए दही चौकी स्थित बैंक शाखा में लगाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद अधिवक्ता के जरिये 12 फरवरी 2021 को कामिनी को नोटिस भेजा गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद पीड़ित संदीप शुक्ला ने न्यायालय में वाद दाखिल किया था। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में विचाराधीन इस मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं और सबूतों के आधार पर दोष साबित हुआ। न्यायाधीश निधि यादव द्वितीय ने दोषी पाई गईं कामिनी यादव को एक साल कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 43.80 लाख रुपये अर्थदंड लगाया।