उन्नाव जिले के कस्तूरबा स्कूल में 13 साल से बिना बीएड डिग्री के नौकरी कर रही वार्डन की सेवा समाप्त कर दी गई है। अभिलेखों की जांच में खुलासा होने के बाद नियुक्ति करने वाले एनजीओ संचालक के खिलाफ शिक्षा महानिदेशक ने रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वार्डन से पूछताछ की जा रही है।
कस्तूरबा स्कूलाें में वर्ष 2007 में लोकप्रिय ग्रामोद्योग संस्थान उरई के माध्यम से नियुक्तियां की गई थीं। इनमें उरई जिला निवासी साधना सिंह की नियुक्ति हिलौली ब्लॉक के कस्तूरबा स्कूल में वार्डन पद पर हुई थी। एनजीओ संचालक ने फर्जी तरीके से बिना बीएड की डिग्री के ही वार्डन पद पर नियुक्ति कर दी।
कई बार जांच हुई, लेकिन खुलासा नहीं हुआ। हाल ही में कासगंज जिले के ब्लॉक फरीदाबाद में कस्तूरबा स्कूल में विज्ञान शिक्षिका अनामिका के एक साथ कई स्कूलों में नौकरी करने का खुलासा होने पर शासन ने जांच शुरू कराई। जिले में 16 जून से जांच शुरू हुई थी। तीन दिन तक अभिलेख जांचे गए।