उन्नाव जिले के नवाबगंज कस्बे में अजगैन के मोहल्ला हड्डी गोदाम के पास स्थित ईंट-भट्ठा परिसर में पानी भरे गड्ढे में डूबकर दो बच्चियों की मौत हो गई। दोपहर बाद तीन बजे उनके शव उतराते मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं।
अजगैन के मोहल्ला हड्डी गोदाम निवासी सुरेश अजगैन रेलवे क्रॉसिंग में गेटमैन है। सुरेश के अनुसार शुक्रवार सुबह 11 बजे उसकी 10 वर्षीय बेटी शिवानी पड़ोस में रहने वाले शत्रुघ्न की हमउम्र बेटी पिंकी (10) के साथ शौच के लिए निकली थी। एक घंटे तक दोनों के न लौटने पर खोजबीन की गई।
घर से 400 मीटर की दूरी पर भट्ठे की पथाई के लिए खोदी गई मिट्टी के गड्ढे में दोनों के शव उतराते मिले। ग्रामीणों की मदद से दोनाें के शवों को निकाला गया। परिजनों की सूचना पर पहुंचे अजगैन कोतवाली के दरोगा राजेश दीक्षित व प्रशांत द्विवेदी ने परिजनों से घटना की जानकारी ली और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शिवानी के पिता सुरेश का कहना है कि भट्ठे में ईंट की पथाई के लिए मिट्टी खोदी गई थी। इससे बड़ा गड्ढा हो गया था। बरसात का पानी भर जाने से बच्चियों की उसमें गिरने और डूबने से मौत हो गई। कोतवाल अरविंद सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
10 दिन पूर्व मुंबई से लौटी थी पिंकी
मृतका पिंकी के बाबा होशराम ने बताया कि उसका पुत्र शत्रुघ्न पांच साल से परिवार के साथ मुंबई में रहकर मजदूरी करता था। पिंकी मुंबई में ही कक्षा 3 में पढ़ती थी। दस दिन पहले ही वह मां रामरानी व भाई अतुल के साथ गांव लौटी थी। पिता मुंबई में ही है। परिजनों ने फोन पर उसे पिंकी की मौत की सूचना दी तो वह कांप उठा और घर के लिए निकल पड़ा। वहीं शिवानी की मौत पर उसके चार भाई बहनों के अलावा माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।