मो. असाज की फाइल फोटो
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रहीमाबाद के तिरगवां गांव में तबलीगी जमात में शामिल होने आए लखनऊ निवासी छात्र की शारदा नहर में नहाने के दौरान डूबकर मौत हो गई। साथ गए अन्य आठ लोगों में एक साथी ने बचाने का भी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने जांच की, परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। इससे पुलिस और परिजनों में झड़प भी हुई। बाद में लिखापढ़ी के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए।
लखनऊ शहादतगंज के अंबरगंज निवासी मो. असाज (15) पुत्र मो. शावेज कक्षा नौ का छात्र था। असाज अपने आठ साथियों के साथ एक मई को रहीमाबाद के तिरगवां गांव में बिलाली मस्जिद में लगी तबलीगी जमात में शामिल होने आया था, तबसे यहीं था। रविवार सुबह छह बजे वह दोस्तों के साथ औरास के शोभाखेड़ा से निकली शारदा नहर में नहाने जाने लगा तो मौलवी सद्दाम ने मना भी किया लेकिन वह नहीं माने और सभी बाइकों से नहाने चले गए। नहर में नहाने के दौरान असाज डूबने लगा तो अन्य साथियों ने बचाने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली और असाज की मौत हो गई।
साथियों की सूचना पर ग्रामीणों ने स्थानीय गोताखोरों को बुलवाकर तलाश कराई तो डूबने वाले स्थल से सौ मीटर दूर असाज का शव उतराता मिला। शव मिलने से कोहराम मच गया। बेटे की मौत की सूचना पर मां परवीन, उसके भाई, बहन और फुफेरा भाई ताबिश सहित अन्य परिजन पहुंचे। पुलिस ने भी जांच की और शव का पोस्टमार्टम कराने काे कहा तो परिजन भड़क गए। इससे पुलिस और परिजनों में कहासुनी भी हुई लेकिन बाद में परिजनों ने पोस्टमार्टम न कराने की बात लिखकर दी और शव लेकर चले गए। बताया जाता है कि अन्य साथियों में सुऐब, अरमान, इस्माइल, अजमत, अखलद, आसिम, अमन में से कोई भी तैरना नहीं जानता था। मृतक के पिता पिता शावेज सऊदी अरब में हैं। वह तीन भाई-बहनों में बड़ा था। एसओ संजीव कुशवाहा ने बताया कि डूबने से किशोर की मौत हुई है। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया।