सफीपुर कोतवाली के बाबू बंगला में चूल्हे से उठी चिंगारी ने एक परिवार के चार घरों को चपेट में ले लिया। हादसे में चार साल की बच्ची जिंदा जल गई और सभी की गृहस्थी जल गई। बाबू बंगला गांव निवासी झब्बू के घर में बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे, चूल्हे की चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने भाई नरेंद्र, रामप्रसाद और मां रामरती के घरों को भी चपेट में ले लिया।
रामप्रसाद के घर में उसके दो बेटे कृष्णा (5) और आर्यन (1) के साथ बेटी नैना (4) मौजूद थी। उनकी साली अनुराधा भी वहीं बच्चों के साथ थीं। आग लगने पर अनुराधा तीनों बच्चों को लेकर घर के बाहर आ गई। हालांकि, नैना फिर से घर में घुस गई और लपटों में घिर जाने से वह जिंदा जल गई। नैना को बचाने के प्रयास में अनुराधा का चेहरा भी झुलस गया है। रामप्रसाद का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी दमकल नहीं पहुंची। घटना के समय चारों घरों में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नही था सभी गंगा की रेत में लगाई गई लौकी की फसल को तोड़ने गए थे। पीड़ितों के अनुसार चारों घरों गृहस्थी, रुपये और जेवर सब जल गए।