व्यापक चर्चा के बाद संशोधन किया जाए
इन नियमों का उपयोग व्यक्तिगत प्रतिशोध अथवा निराधार शिकायतों के माध्यम से उत्पीड़न किए जाने की प्रबल संभावना है। मांग की कि यूजीसी के नए भेदभाव विरोधी नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। यदि नियमों में सुधार आवश्यक हो तो छात्रों, शिक्षकों एवं अन्य हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद संशोधन किया जाए। उधर, हसनगंज कस्बा स्थित संतोषी माता मंदिर परिसर में दोपहर 12 बजे से क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह उर्फ दीपू सिंह के नेतृत्व में यूजीसी को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।
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सामाजिक संतुलन को प्रभावित करने वाला
प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए वापस लेने की मांग की। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि यूजीसी-2026 सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ है और इसे जबरन थोपा जा रहा है। चेतावनी दी कि जब तक यह वापस नहीं लिया जाता, तब तक इस तरह का हर जगह आंदोलन जारी रहेगा। मिलन पांडेय, आशीष मिश्र अन्नू व ओमजी तिवारी ने भी लोगों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि यह सामाजिक संतुलन को प्रभावित करने वाला है और सवर्ण समाज इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।