तबड़तोड़ हमला कर लहूलुहान कर दिया
भगाने पर सत्यम, शिवम के घर के सामने पुलिया पर बैठ गया और गाली-गलौज करने लगा। मां के मुताबिक सत्यम कई साल से मानसिक रूप से अस्वस्थ था, उसका इलाज चल रहा था। बड़े भाई के नाराज होने पर उसने पत्थर फेंक कर मारा। इस पर आलू काट रहा शिवम वही चाकू लेकर पहुंचा और पेट व शरीर के अन्य हिस्सों में तबड़तोड़ हमला कर लहूलुहान कर दिया। सूचना पर वह मौके पर पहुंची और एंबुलेंस से सत्यम को जिला अस्पताल पहुंचाया। ईएमओ डॉ. आशीष सक्सेना ने मृत घोषित कर दिया।
सत्यम को आते थे मिर्गी के दाैरे
मां आशा ने पुलिस को बताया कि सत्यम मानसिक रूप से बीमार था। उसे मिर्गी के दौरे भी आते थे। बताया कि अगर कोई उसपर गुस्सा या गाली दे देता था तो वह आपा खो देता था। दो दिन पहले घरेलू बात को लेकर डांट दिया था तो उन पर भी गुस्सा हो गया था। सत्यम की शादी नहीं हुई थी। वह चार भाई और दो बहनों में तीसरे नंबर का था। भाई यश और शुभम व बहन आराध्या बेहाल हैं। बड़ी बहन सपना की शादी हो चुकी है।
मां से दुर्व्यवहार पर हुआ भाइयों में विवाद
छोटी बहन आराध्या ने बताया कि सत्यम ने गुस्से में आकर तीन दिन पहले मां पर खिचड़ी फेंक दी थी। इस पर बड़े भाई शिवम ने उसे मां से दुर्व्यवहार न करने की हिदायत दी थी। शनिवार दोपहर को इसी बात को लेकर दोनों भाइयों में विवाद हुआ।
बेबस मां बोलीं-बयां नहीं कर सकतीं दर्द, दोनों मेरे ही बेटे
घटना को लेकर मां से बात की गई तो वह बेबस नजर आईं। एक तरफ छोटे बेटे की मौत तो दूसरी तरफ हत्यारोपी उनका ही बड़ा बेटा होने से वह समझ नहीं पा रहीं थी कि किसके लिए रोएं और पुलिस को तहरीर दें। मां ने बताया कि बड़ा बेटा प्राइवेट नौकरी करता है। शादी के बाद से वह परिवार के साथ अलग रहता है। छोटा बेटा सत्यम कोई काम नहीं करता था। पति की मौत के बाद से वह भी घरों में काम करते किसी तरह बच्चों का पेट भर रहीं थीं। बताया कि छोटे बेटे के इलाज भी करा रही थीं। दो दिन पहले ही डॉक्टर को दिखाया था और रुपये न होने से उधार दवा लेकर आईं थीं।