उन्नाव जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले प्रधान पद के दो प्रत्याशियों की मौत के बाद निर्वाचन अधिकारी ने दो और ग्राम पंचायतों का चुनाव रद्द कर दिया है। इससे पहले शुक्रवार को भी दो ग्राम पंचायतों में प्रधान पद का चुनाव रद्द किया गया था। बीघापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत लालगंज प्रथम की प्रत्याशी कमला देवी (50) मधुमेह की बीमारी से पीड़ित थीं।
गुरुवार को वह कानपुर से दवा लेकर घर आईं और शुक्रवार की सुबह उनकी मौत हो गई। इसी प्रकार सफीपुर के अटवा मोहाल ओसिया में भी एक प्रधान पद प्रत्याशी स्वर्णलता पत्नी चंदनलाल की 22 अप्रैल को मौत हो गई थी। इसकी जानकारी होने पर निर्वाचन अधिकारी ने दोनों ग्राम पंचायतों में प्रधान पद का चुनाव रद्द कर दिया है।
इससे पहले शुक्रवार को बिछिया विकासखंड की ग्राम पंचायत बदलीखेड़ा और बीघापुर की सगवर ग्राम पंचायत में भी प्रधान पद प्रत्याशी की मौत पर चुनाव रद्द किया गया था। सहायक निर्वाचन अधिकारी डॉ. संजय द्विवेदी ने बताया कि निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक प्रत्याशी की मौत पर उन सीटों पर नए सिरे से चुनावी प्रक्रिया कराई जाएगी।
इसी कारण चार ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों की मौत पर प्रधान पद का मतदान रद्द कर दिया गया है। ग्राम प्रधान के इन पदों पर चुनाव संबंधी सूचना अलग से दी जाएगी। डॉ. संजय के मुताबिक, बीडीसी, ग्राम पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों की मौत पर चुनाव रद्द नहीं होता है।
एक प्रत्याशी ने दूसरे को प्रचार से रोका
कोतवाली के गांव रसीदपुर में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी जगन्नाथ ने पुलिस को शिकायतीपत्र देकर बताया कि शुक्रवार को वह गांव में जनसंपर्क कर रहे थे। तभी दूसरे प्रत्याशी ने गालीगलौज कर प्रचार करने से रोका। शिकायत पर पुलिस गांव पहुंची और दोनों को कोतवाली ले आई। हालांकि बाद में दोनों पक्षों ने आपस में सुलह समझौता कर लिया।