उन्नाव में किशोरी की हत्या चचेरे भाई ने नहीं की थी। किशोरी की हत्या उसके सगे बड़े भाई ने की थी। सीसीटीवी फुटेज से इसका राज खुला है। आरोपी की निशानदेही पर धान के खेत से चाकू, खून लगी शर्ट और जूता बरामद किए हैं। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया है।
उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली के एक गांव में भाई दूज के दिन किशोरी की हत्या चचेरे भाई ने नहीं उसके ही सगे बड़े भाई ने की थी। पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ है। पुलिस ने हत्यारोपी भाई को गिरफ्तार कर चाकू भी बरामद कर लिया है।
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आरोपी ने बताया कि बहन दो युवकों से फोन पर बात करती और उनसे मिलती थी। युवक उसकी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी भी दे रहे थे। गांव और बिरादरी में बदनामी हो रही थी। बहन को कई बार समझाया, नहीं मानी तो गुस्से में हत्या कर दी।
बांगरमऊ कोतवाली के एक गांव में 16 साल की किशोरी की बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान के अहाते के पास खून से लथपथ मिली थी। गले और शहर में धारदार हथियार के सात गहरे जख्म मिले थे। छोटी बुआ ने चचेरे भाई राजेश पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत सिंह ने बताया कि नामजद आरोपी राजेश की मां से पूछताछ चल रही थी। इसी दौरान नगर पुलिस चौकी के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में किशोरी अपने सगे बड़े भाई के साथ बाइक से आती दिखी।
घटनास्थल पर आरोपी की अंगुलियों के निशान
इस पर रात करीब दस बजे दबिश के लिए रवाना होने की तैयारी कर रही पुलिस की जांच का रुख मुड़ गया। पुलिस ने मृतका के बड़े भाई को उठाया और पूछताछ की तो पहले गुमराह करने का प्रयास किया। जब फुटेज और घटनास्थल पर उसकी अंगुलियों के निशान मिलने की बात कही तो उसने सच उगल दिया।
पुलिस को बताया कि पिता के बीमार रहने से वह दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। दिवाली मनाने 19 अक्तूबर को वह घर आया था। गांव में चचेरे भाई व एक अन्य युवक से बहन की नजदीकी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं सुनीं।
बहन का मोबाइल चेक किया तो उसमें भी गांव के युवकों से बात होने की पुष्टि और कुछ फोटो मिले। बदनामी को देखते हुए बहन को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं मानीं। बृहस्पतिवार को भी सुबह इसी को लेकर चचेरे भाई से विवाद हुआ था।
बहन शिकायत करने पुलिस चौकी गई तो बदनामी बढ़ने के डर से उसे चौकी से लेकर आ गया और रास्ते में परिवार की महिला प्रधान के अहाते में ले जाकर उसे समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान विवाद होने पर उसने बहन पर चाकू से हमला कर दिया।
चाकू से उसकी गर्दन के साथ शरीर पर सात वार किए। वह भागी और कुछ दूर जाने के बाद गिर गई। बहन को घायल करने के बाद वह धान के खेत में छिप गया। कोतवाल ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर धान के खेत से चाकू, खून लगी शर्ट और जूता बरामद किए हैं। शुक्रवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया है।
हत्या के बाद छोटे भाई से मंगवाई थी दूसरी शर्ट
बांगरमऊ सीओ संतोष सिंह ने बताया कि किशोरी की बुआ की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जब उसके चचेरे भाई की लोकेशन निकलवाई गई तो वह सफीपुर की मिली। इससे मामला और संदिग्ध लगा, खुलासे के लिए एक दरोगा को गांव में लगाया गया था वह ग्रामीणों से बात कर रहे थे। ग्रामीणों से बातचीत में सुराग मिलने पर पुलिस चौकी के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक कराई गई तो पूरा मामला ही पलट गया।
आरोपी भाई ने बताया कि बहन की हत्या करने के बाद उसने अपने छोटे भाई छोटू से दूसरी शर्ट भी मंगवाई थी। खून लगी शर्ट को खेत में ही छिपा दिया था, ताकि किसी को पता न चल सके। हत्यारोपी दिल्ली में नायलॉन रस्सी बनाने वाली फैक्टरी में काम करता था।
भैया दूज पर कलंकित किया रिश्ता
गंजमुरादाबाद। भैया दूज के पर्व पर अंकित ने अपनी बहन की हत्या कर भाई-बहन के अटूट रिश्ते को कलंकित कर दिया। घटना का खुलासा होने के बाद लोग तरह-तरह की चर्चाएं करते रहे कि बहन को पहली बार समझाया भी जा सकता था। उसके बाद आगे कदम उठाया जाता। पहले तो परिवार के सदस्य को फंसाने का प्रयास किया गया, बाद में सगा भाई ही आरोपी निकलने पर परिवार की खुशियां भी उजड़ गईं।
ग्राम प्रधान के अहाते में लगा सीसीटीवी बंद था
हत्यारोपी अपनी छोटी बहन को उसकी हत्या करने के लिए जिस अहाते के पास लेकर था, वहां सीसीटीवी कैमरा लगा है। लेकिन वह दो महीने से बंद मिला। हत्यारोपी भाई को इसकी जानकारी थी। इसलिए वह बहन को वहीं पर लेकर गया। पुलिस के मुताबिक अहाते में लगा कैमरा चल रहा होता तो हत्यारोपी तक पहुंचने में देर न लगती।
चचेरा भाई ऑडियो और वीडियो वायरल की देता था धमकी
चचेरा भाई राजेश को किशोरी के प्रेम संबंधों की जानकारी थी। वह किशोरी को उसके वीडियो और ऑडियो वायरल करने की धमकी देता था। किशोरी की निराश्रित बुआ ने बताया कि, राजेश आए दिन भतीजी को परेशान करता था। उसकी वजह से पूरा घर परेशान था, इसलिए लगा कि राजेश ने ही आरती की हत्या की होगी। इसी वजह से उसे नामजद किया था।