मायावती ने लिखा कि "उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के परिवार वालों की संदिग्ध हत्या के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए चाचा को परोल पर रिहा नहीं होने देना अति-अमानवीय है। यह यूपी सरकार की इस कांड में मिलीभगत को साबित करता है। परोल की मांग को लेकर रिश्तेदार मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठे है, सरकार तुरंत ध्यान दे।"
मायावती ने लिखा कि "भाजापा सांसद साक्षी महाराज द्वारा जेल में दुष्कर्म के आरोपी भाजापा विधायक से मिलना यह प्रमाणित करता है कि सामूहिक दुष्कर्म मामले के आरोपियों को लगातार सत्ताधारी भाजापा का संरक्षण मिल रहा है, जो इंसाफ का गला घोटने जैसा है। माननीय सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान अवश्य लेना चाहिए।"
इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कई सवाल उठाए हैं। ट्विटर पर लिखा कि " हम कुलदीप सेंगर जैसे लोगों को राजनीतिक शक्ति और संरक्षण क्यों देते हैं, और पीड़ितों को अकेले जिंदगी की जंग लड़ने के लिए छोड़ देते हैं? प्रियंका ने इसके बाद लिखा कि एफआईआर में स्पष्ट है कि परिवार को धमकाया और भयभीत किया गया था। साथ ही इसमें योजनाबद्ध तरीके से दुर्घटना की संभावना का भी उल्लेख किया गया है।