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उन्नाव दुष्कर्म कांडः धरने पर बैठा परिवार, पीड़िता से मिलने अस्पताल पहुंचे अखिलेश यादव

Tue, 30 Jul 2019 10:51 AM IST
प्रशांत कुमार यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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धरने पर बैठा परिवार
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भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है। लखनऊ के ट्रामा सेंटर में उसका इलाज चल रहा है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती भी कई गई है। परिवार जेल में बंद पीड़िता के चाचा को पैरोल दिए जाने की मांग पर अड़ा है। वहीं, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव अस्पताल में भर्ती पीड़िता का हाल-चाल जानने पहुंचे हैं।

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अखिलेश ने कहा कि इस घटना ने झकझोर दिया है। पीड़िता जिंदगी की जंग लड़ रही है और सरकार आरोपी को बचाने में लगी है। अखिलेश ने इस घटना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

 


वहीं, मंगलवार को पीड़ित परिवार ट्रामा सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गया। पीड़ित परिवार की मांग है कि जेल में बंद पीड़िता के चाचा को पैरोल दी जाए। साथ ही परिवार का कहना है कि जल्द से जल्द आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर कार्रवाई की जाए। परिवार के सदस्यों का कहना है कि मांग न पूरी होने तक वह धरने पर बैठे रहेंगे। मौके पर ट्रामा सेंटर प्रशासन के साथ पुलिस अधिकारी भी परिवार को मनाने में जुटे हैं।

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रायबरेली सड़क दुर्घटना में हुई मौत के बाद पीड़िता की चाची का शव मोर्चरी में रखा हुआ है। परिवार का कहना है कि पीड़िता के चाचा को पैरोल मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार होगा। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम पीड़िता से मिलने ट्रॉमा सेंटर पहुंची है।

यह यूपी सरकार की इस कांड में मिलीभगत को साबित करता है- मायावती

मायावती ने लिखा कि "उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के परिवार वालों की संदिग्ध हत्या के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए चाचा को परोल पर रिहा नहीं होने देना अति-अमानवीय है। यह यूपी सरकार की इस कांड में मिलीभगत को साबित करता है। परोल की मांग को लेकर रिश्तेदार मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठे है, सरकार तुरंत ध्यान दे।"
 




 मायावती ने लिखा कि "भाजापा सांसद साक्षी महाराज द्वारा जेल में दुष्कर्म के आरोपी भाजापा विधायक से मिलना यह प्रमाणित करता है कि सामूहिक दुष्कर्म मामले के  आरोपियों को लगातार सत्ताधारी भाजापा का संरक्षण मिल रहा है, जो इंसाफ का गला घोटने जैसा है। माननीय सुप्रीम कोर्ट को इसका संज्ञान अवश्य लेना चाहिए।"
 

 
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इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कई सवाल उठाए हैं। ट्विटर पर लिखा कि " हम कुलदीप सेंगर जैसे लोगों को राजनीतिक शक्ति और संरक्षण क्यों देते हैं, और पीड़ितों को अकेले जिंदगी की जंग लड़ने के लिए छोड़ देते हैं? प्रियंका ने इसके बाद लिखा कि एफआईआर में स्पष्ट है कि परिवार को धमकाया और भयभीत किया गया था। साथ ही इसमें योजनाबद्ध तरीके से दुर्घटना की संभावना का भी उल्लेख किया गया है।




 
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