जबरन दोबारा ब्याज सहित पैसे मांग रहा था नागेंद्र
आगे बताया कि जब पिता ने नागेंद्र से और पैसे मांगे, तो उसने जमीन लेने से मना कर दिया। कहा कि बयाना का पैसा लौटा दो और जमीन किसी दूसरे से बेच लो। इस पर पिता ने उसका एक लाख रुपये लौटा दिया। उसके बाद भी नागेंद्र जबरन दोबारा ब्याज सहित पैसे मांग रहा था। न देने पर जमीन का बैनामा करने का दबाव बना रहा था।
सीधे जबड़े में लगी गोली
जमीन का बैनामा न करने से नागेंद्र, उसके भाई भूपेंद्र उर्फ मोनू, सुशील उर्फ सन्नाम तथा उसके पिता हरिप्रसाद रंजिश मान रहे थे। इसके पहले एक बार सभी लोग घर आकर धमकी देकर जा चुके थे। शनिवार रात करीब 12 बजे अपाचे गाड़ी से दो लोग आए और पिता को गोली मार दी और भाग निकले। गोली सीधे जबड़े में लगने से वह गंभीर घायल हो गए।
हैलट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
लहूलुहान हालत में पहले असोहा सीएचसी, फिर जिला अस्पताल, उसके बाद कानपुर हैलट रेफर किया गया। रविवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। सोहरामऊ थानाध्यक्ष अरविंद पांडेय ने बताया कि बेटे की तहरीर पर नागेंद्र,भूपेंद्र और सुशील पर पहले हत्या के प्रयास की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब मौत के बाद हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। फायर अगर तमंचे से की गई होगी तो आर्म्स एक्ट की भी धारा बढ़ेगी।