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राशन बांट रहे कोटेदार के आरोग्य सेतु एप में जली लाल बत्ती, राशन वितरण हुआ बंद, भीड़ मे फैली दहशत

Mon, 04 May 2020 11:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
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कोरोना वायरस - फोटो : गूगल
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उन्नाव  जिले के परियर क्षेत्र में ब्लाक सिकंदरपुर सरोसी की ग्रामसभा मोमिनपुर में राशन वितरण के दौरान कोटेदार के मोबाइल में डाउनलोड आरोग्य सेतु एप में लाल रंग का निशान आ गया। कोटेदार ने राशन का वितरण रोक दिया। सर्दी, बुखार व जुकाम से पीड़ित व्यक्ति का पता लगाया गया लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
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एसडीएम ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। ग्रामसभा मोमिनपुर निवासी अशोक कोटेदार के पास ग्रामसभा के मजरा बरहली, मुबारकपुर व प्रभुत्ताखेड़ा गांव के कार्ड धारक राशन लेने आते हैं। सोमवार को 444 लोग राशन लेने पहुंचे थे। दोपहर करीब एक बजे कोटेदार के मोबाइल में डाउनलोड आरोग्य सेतु एप में अचानक लालरंग का निशान दिखने लगा।

कोटेदार को शक हुआ कि भीड़ में मौजूद किसी व्यक्ति के मोबाइल में भी यह एप है और कोरोना जैसे लक्षण होने पर ब्लूटूथ के जरिए संपर्क में आते ही उसके एप पर संदेश आया है। कोटेदार ने 349 लोगों को राशन देने के बाद वितरण बंद कर दिया। मोबाइल धारक व्यक्ति की तलाश की लेकिन तबतक काफी लोग जा चुके थे। कई लोग डर की वजह से खुद ही बिना राशन लिए लौट गए। 
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कोटेदार अशोक ने लेखपाल शिवप्रकाश यादव को सूचना दी। वह मौके पर पहुंचे और जानकारी ली तो पता चला कि बरहली गांव के कुछ लोग, लाल सिग्नल मिलने की चर्चा होने के बाद वहां से तुरंत ही चले गए थे। लेखपाल ने बताया कि जानकारी की जा रही है। एसडीएम दिनेश सिंह ने बताया कि कोटेदार को गलत फहमी हुई होगी।

अगर ऐसा होता तो इसका मैसेज आरोग्य सेेतु एप को मॉनीटर करने वाली टीम के पास भी जाता और वहां से भी सूचना मिलती लेकिन ऐसा नहीं है। मामले को देखवाया जा रहा है। आरोग्य सेतु एप के प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि यह एप को डाउनलोड करने पर नाम व पता के साथ ही विदेश या दूसरे प्रदेश व जिले की यात्रा, जुकाम, बुखार, बदन दर्द, सर दर्द उनके परिवार के किसी सदस्य में ऐसे लक्षण आदि की सूचना दर्ज करनी होती है।

कुछ समय अंतराल पर यह सूचनाएं अपडेट भी करनी होती हैं। ब्लूटूथ के जरिए यह एप 6 मीटर के दायरे में आए किसी बीमार के आते ही नजदीकी मोबाइलों पर इसका मैसेज भेजकर अलर्ट करता है। उन्होंने बताया कि अभी तक की जानकारी में गलत फहमी होने की बात सामने आ रही है।
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